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हिमानी बहुगुणा


हिमानी बहुगुणा

चंडीगढ़ के एक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाला छात्र जो कि एक एवरेज स्टूडेंट रहा हो अब वह गूगल में नौकरी करने जा रहा है और हर महीने उसकी तनख्वाह 12 लाख रुपए होगी। हम बात कर रहे हैं सरकारी मॉडल सीनियर सेकेंड्री स्कूल से अभी आईटी स्ट्रीम से बारहवीं करने वाले हर्षित शर्मा की। 


हर्षित अपनी इस कामयाबी पर काफी खुश है लेकिन उसे अभी भी विश्वास नहीं हो रहा है कि उसके जैसे एक एवरेज छात्र को गूगल में नौकरी मिली है। हर्षित ने कहा कि मैं बता नहीं सकता कि मैं कैसा महसूस कर रहा हूं। मुझे ऐसा लग रहा है कि जैसे मेरा सपना पूरा हो गया है। मेरी मेहनत रंग लाई है।


फिलहाल शुरुआत में एक साल हर्षित को ट्रेनिंग पर रखा जाएगा और उसके लिए उसे हर महीना 4 लाख रुपए सैलरी दी जाएगी। ट्रेनिंग खत्म होने के बाद हर्षित को हर महीने 12 लाख रुपए सैलरी मिलेगी। गूगल द्वारा हर्षित को ग्राफिक डिज़ाइनर के तौर पर नियुक्त किया गया है।


 चंडीगढ़ न्यूज़लाइन से अपनी इस कामयाबी की बात करते हुए हर्षित ने कहा कि जब वह दस साल का था तब से ही उसका झुकाव ग्राफिक डिज़ाइनिंग सीखने की तरफ हो गया था। इसके बाद उसने निर्णय किया कि वह गूगल में नौकरी करेगा और तब से ही उसने अपने सपने को सच करने के लिए मेहनत करना शुरु कर दिया। हर्षित शर्मा ने गुप्त रूप से अपने एक अंकल से ग्राफिक डिज़ाइनिंग की ट्रेनिंग लेने लगा। हर्षित 7 अगस्त को गूगल में ट्रेनिंग करने के लिए कैलिफोर्निया जाएगा।



हर्षित ने कहा कि मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे गूगल द्वारा चुना जाएगा। मैंने अपने अंकल रोहित शर्मा से ग्राफिक डिज़ाइनिंग सीखना शुरु किया था। धीरे-धीरे यह मेरा जुनून बन गया और फिर मैं गूगल में नौकरी पाने का सपना देखने लगा। आज मुझे जो भी कुछ मिला है वो केवल मेरे अंकल की वजह से मिला है क्योंकि मैंने कभी भी ग्राफिक डिज़ाइनिंग सीखने के लिए किसी इंस्टीट्यूट में दाखिला नहीं लिया जो कुछ भी सीखा अपने अंकल से सीखा है। वहीं हर्षित के गूगल में जाने से खुश उसके स्कूल के प्रिंसीपल इंद्र बेनीवाल ने कहा कि मैं बहुत खुश हूं और मुझे हर्षित पर काफी गर्व है।




सोर्स:जनसत्ता
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shahrukh khan daughter suhana khan beach photos

शाहरुख खान की बेटी सुहाना हाल ही में अपनी महंगी ड्रेस के लिए ट्रोल हुईं थीं. शाहरुख संग एक पार्टी में 60 हजार की सुहाना की ड्रैस में पहुंची इस स्टारकिड ने खूब सुर्ख‍ियां बंटोरी. लेकिन अब सुहाना एक बार फिर अपने बीच स्टाइल के लिए चर्चा में हैं. सुहाना की हाल ही में बीच पर आराम फरमाते हुए एक तस्वीर वायरल हो रही है.



shahrukh khan daughter suhana khan photos

सुहाना मां गौरी खान और भाई अबराम संग कैलिफोर्निया के मालिबू बीच पर एंजॉय करती नजर आईं. ये तस्वीर वहीं की है. सुहाना रॉयल ब्लू बिकिनी पहने रिलैक्स मूड में दिखीं.



shahrukh khan daughter suhana khan beach photos


ऐसा पहली बार नहीं है जब सुहाना बिकिनी लुक में नजर आई हैं. इससे पहले भी सुहाना की बीच पर अबराम संग ये तस्वीर खूब वायरल हुई थी.


shahrukh khan daughter suhana khan photos 


इसमें कोई शक नहीं कि सुहाना परफेक्ट बिकिनी बॉडी गर्ल हैं. यही वजह है कि वह अपनी कर्वी बॉडी के साथ बिकिनी लुक में काफी कंफर्टेबल नजर आती हैं.




shahrukh khan daughter suhana khan photos



सुहाना की सिर्फ बिकिनी पिक्स ही नहीं बल्कि पार्टी की तस्वीरें भी सुर्खियों में रहती हैं. इन तस्वीरों में अपनी फ्रेंड्स के साथ सुहाना खूब मस्ती करती नजर आ रही हैं.


 shahrukh khan daughter suhana khan beach photos



सुहाना 17 साल की हैं और मुंबई के धीरूभाई अंबानी इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ाई कर रही है. सुहाना को डांसिंग और स्पोर्ट्स बेहद पसंद है.



shahrukh khan daughter suhana khan photos


सुहाना बिकनी में तस्वीरें जैसे मीडिया में सुर्ख‍ियां बन गईं थीं. जब शाहरुख से एक वेबसाइट ने इस बारे में उनका रिएक्शन जानना चाहा है तो वह बोले, 'क्या ये घटिया नहीं हैं? मेरी बेटी 16 साल की है और वो इस बात को लेकर काफी ऑक्वर्ड फील करने लगी. ये मेरा स्टारडम है कि इतनी छोटी सी बात को इतना बढ़ा दिया गया. यही किसी और की न्यूड तस्वीर से भी आपको कोई परेशानी न होती. लेकिन जो कि वो मेरी बेटी है इसलिए इस बात पर इतना बवाल किया गया.




सोर्स :आजतक 


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 kapil sharma

आजकल कपिल शर्मा के सितारे गर्दिश में है. सुनील ग्रोवर और कपिल का मामला खत्म नहीं हुआ था कि एक और मामला सामने आया है. इस बार कीकू और भारती के भिड़ने की खबर आई है.


दरअसल उनके शो के दो स्टार्स आपस में भिड़ गए हैं. कीकू शारदा और भारती सिंह के बीच कोल्ड वार होने की खबरें सामने आ रही हैं. दोनों ही एक्टर्स कॉमेडी सर्कस में साथ में परफॉर्म किया करते थे.


 भारती के साथ हुए मनमुटाव के बाद कीकू ने शो छोड़ दिया था. हालांकि भारती और कीकू ने इन खबरों को महज अफवाह करार दिया है. रिपोर्ट्स की मानें तो कीकू और भारती शो में एक दूसरे साथ कम्फर्टेबल नहीं हैं और दोनों के बीच खटपट चल रही है. 

 
आपको बता दें कि ऑस्ट्रेलिया से लौटते वक्त विमान में हुई लड़ाई के बाद जब सुनील ग्रोवर, अली असगर और सुगंधा मिश्रा जैसे कलाकारों ने कपिल से किनारा किया तो भी कीकू कपिल के साथ खड़े रहे हैं और अपने जोक्स से दर्शकों का मनोरंजन करते रहे.


कुछ समय पहले खबर आई थी कि भारती सिंह को 'द कपिल शर्मा शो' में अपना एंट्री सीन नहीं पसंद आया और इसीलिए वो बिना शूट किए सेट से चली गई थीं. 


लेकिन इन खबरों का खंडन करते हुए भारती ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर कपिल शर्मा संग तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, किसने कहा कि मैं 'द कपिल शर्मा शो' के लिए शूट नहीं कर रही हूं. 


खबर थी कि भारती के बॉयफ्रेंड हर्ष की सहमति के बाद ही इस सीन को तय किया गया था. लेकिन भारती को यह बिल्कुल पसंद नहीं आया और वह इसे सिरे से बदलना चाहती हैं. यह बात उन्होंने खुले तौर पर कपिल शर्मा की टीम को कह दी है.


हालांकि इस मुद्दे पर भारती को मनाने की काफी कोशिश की गई लेकिन भारती ने किसी की नहीं सुनी और उन्होंने शूट कैंसल कर दिया.



सोर्स:आजतक

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missile man Dr.APJ Abdul Kalam inspiration to young scientist


भारत के पूर्व राष्ट्रपति और मिसाइल मैन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की बदौलत भारत आज परमाणु महाशक्ति बन गया है। पहले परमाणु परीक्षण से लेकर मिसाइल टेक्नोलॉजी के जनक डॉ. कलाम अब इस दुनिया में नहीं रहे, लेकिन आज भी उनके दिखाए रास्ते पर चलकर दुनिया की सबसे खतरनाक मिसाइल बनाने में जुटे हैं


missile 


दरअसल, भारतीय वैज्ञानिक एक ऐसी मिसाइल पर काम कर रहे हैं, जो भगवान श्री कृष्ण के सुदर्शन चक्र की तरह अपने लक्ष्य को भेदकर वापस आ जाएगी। भारतीय वैज्ञानिकों को कई मायनों में सफलता भी मिल चुकी है। 

missile 


बता दें कि इस बेहतरीन मिसाइल को तैयार करने का श्रेय डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को दिया गया है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, पूर्व राष्ट्रपति के पुराने नोट्स इस मिसाइल के निर्माण में काफी मदद कर रहे हैं।


वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर सबकुछ ठीक रहा तो ब्रम्होस सीरीज की आने वाली मिसाइलें लक्ष्य भेदकर वापस लौटने वाली दुनिया की पहली मिसाइल बन जाएगी। आपको बता दें कि भारत के पास अभी तक सबसे लंबी दूरी तक मार करने वाली अग्नि-5 की मारक क्षमता 6000 किमी है, यानी इसकी जद में आधी दुनिया है। 

brahmos missile 


ब्रह्मोस एरोस्पेस के सीईओ के अनुसार, पूरी दुनिया के पास अभी तक ऐसी मिसाइलें हैं, जो लक्ष्य भेदने के साथ वहीं पर समाप्त हो जाती हैं। लेकिन हम ठीक वैसी मिसाइल बना रहे हैं, जैसे सुदर्शन चक्र दुश्मन पर वार कर वापस लौट आता था।




सोर्स:लाइव इंडिया

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 At Reliance AGM, Mukesh launches JioPhone which is effectively free

रिलायंस इंडस्ट्रीज़ पचास तरह के काम करती है. लेकिन फिलहाल रिलायंस इंडस्ट्रीज़ का सबसे जाना-पहचाना इंट्रो यही है कि वो जियो की मालिक है. तो जब रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के मालिक मुकेश अंबानी कंपनी की सालाना जनरल बॉडी मीटिंग में बोलने खड़े हुए, पब्लिक कान की फ्रीक्वेंसी ‘जियो’ शब्द सेट कर के सुनने लगी.


अंबानी ने भी निराश नहीं किया. डाटा खपा-खपा कर अघा चुके लोगों के लिए उनका नया वरदान था, JioPhone. अब तक जीयो की Volte सर्विस के लिए आपके पास एक स्मार्ट फोन होना ज़रूरी था. JioPhone एक फीचर फोन होगा. आम भाषा में सादा फोन. जैसा स्मार्ट फोन के आने से पहले एक ज़माने में मोबाइल हुआ करता था.


इससे पहले आप चप्पल झाड़कर लाइन में लगने के लिए तैयार हों, जान लीजिए कि JioPhone है क्या बलाः

# JioPhone सितंबर से मिलना शुरू होगा. इसके लिए प्रीबुकिंग 24 अगस्त से शुरू हो जाएगी.


# जियो की तरह ही JioPhone भी फ्री ऑफर के साथ आता है. आपको फोन खरीदने के लिए 1500 रुपए सेक्योरिटी डिपॉज़िट के तौर पर देने है. कंपनी 3 साल बाद इसे वापस कर देगी.


# जियो फोन पर वॉइस कॉल हमेशा के लिए मुफ्त रहेंगे.


# JioPhone 153 रुपए में अनलिमिटिड डाटा का ऑफर आएगा.


# जियो फोन को आप टीवी से जोड़ पाएंगे. इसमें ऐसा जुगाड़ होगा कि स्मार्ट टीवी से भी जुड़ जाए और पुराने डिब्बा टीवी से भी.



सोर्स:लल्लनटॉप
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 England- woman abused in teenage by uncle now moving on

‘मैंने जब अंकल के साथ रहना शुरू किया, मैं बहुत खुश थी. मुझे उन्हें और आंटी से इतना लगाव हो गया कि मैं उन्हें मम्मी और पापा बुलाने लगी. जैसे बच्चे लाड़ पाकर बिगड़ जाते हैं, मैं भी खूब बिगड़ गई थी. मुझे खूब प्रेम मिलता. जो भी करना चाहती थी, वो सबकुछ करने का हक था मुझे. जिम्नास्टिक्स भी करती और क्वायर में गाना भी गाती. अंकल एंडी मुझे हर फ्राइडे शॉपिंग के लिए ले जाते. वो एक बहुत अच्छे पिता थे. मैं उनके साथ एक बड़ी सी आरामकुर्सी पर बैठ जाती और बार्बी वाली फ़िल्में देखती. वो मेरे पीठ सहलाते, कभी कभी मेरे कूल्हों पे हलके से मारते. मुझे यही लगता ये उनका प्रेम है.’


लेकिन फिर टोनी 13 साल की हुई और सबकुछ बदल गया. वो अंकल एंडी जो टोनी को अपनी बच्ची की तरह रखते थे, उसको बुरी नजरों से देखने लगे. एंडी ने टोनी को एक फोन दिया और कहा कि वो इसका इस्तेमाल अपनी मां से बात करने के लिए कर सकती है. टोनी खुश हो गई. मगर बदले में एंडी ने टोनी से उसका शरीर मांगा.



धीरे-धीरे एंडी टोनी को छोटे-छोटे गिफ्ट और मेकप का सामान देने लगा. चूंकि टोनी अपनी मां से बात करना चाहती थी, वो लगातार एंडी का कहा मानती रही. टोनी को लगता रहा कि एंडी बड़ा है, उसके पिता समान है, इसलिए जो वो कहता है वो करना चाहिए. मासूमियत में एंडी सबकुछ करती रही.



ये टोनी-स्यू हैंक्लिफ कि कहानी है. वो छोटी सी थीं, जब उनके मां-पिता के बीच टेंशन हो गई. उनकी शादी ठीक नहीं चल रही थी. एंडी पर इसका बुरा असर न पड़े इसलिए उसकी मां ने उसे उसके अंकल एंडी वॉकर के पास भेज दिया. उसके बाद जो हुआ, वो एंडी ने ‘द सन’ अखबार को बयां किया.



टोनी टीनएज में पहुंची कि अंकल एंडी ने उसका शोषण करना शुरू कर दिया. उसके लिए लेस वाले अंडरवियर लाता, उसकी तस्वीरें खींचता. बाथरूम में कैमरा लगाकर सब उसका वीडियो बनाता. एंडी ने16 की उम्र में उसे वाइब्रेटर गिफ्ट किया.


बॉयफ्रेंड के साथ.
बॉयफ्रेंड के साथ.


टोनी ने ‘द सन’ को बताया:


दिन के समय एंडी एक अच्छा बाप हुआ करता था. मगर रात को वो एक अलग इंसान होता था. वो फ़िल्में जो उसने बनाई होतीं, उनसे मुझे नफरत होती. मैं उससे अपने वीडियो डिलीट करने की भीख मांगती. मगर वो नहीं सुनता था. बाथरूम में कैमरा लगा होता इसलिए मैंने कपड़े उतारकर नहाना ही बंद कर दिया. मैं बस बाल धोकर आ जाती.


वो मेरे सामने हस्तमैथुन करता. अपना लिंग मेरे पांवों पर छुआता.


उसने मुझसे कहा कि अगर मैं ये राज छिपा ले गई तो वो मुझे मेरी मां से बात करने की अनुमति देता रहेगा. मुझे ये भी डर लगता कि कहीं मैंने किसी से कुछ कह दिया तो अंकल की पत्नी और बच्चों का जीवन खराब हो जाएगा.


मेरी टीनएज के समय मैं बिलकुल अकेली और बहुत उदास हो गई थी.


अंकल सीधे मेरा रेप नहीं करता. वो मेरी वेजाइना में चीजें घुसेड़ता. 16 की उम्र में मेरी मुलाकात एक लड़के से हुई. हम डेट करने लगे. वो मेरा बॉयफ्रेंड बन गया. मैं इस रिश्ते में खुश थी. मैंने बॉयफ्रेंड के साथ इसलिए सेक्स किया कि मैं नहीं चाहती थी कि मेरी वर्जिनिटी एंडी से रेप होकर जाए.’


एक दिन टोनी अपने बॉयफ्रेंड के साथ थी और उसी समय उसके फोन पर एंडी का मैसेज आया. ये मैसेज निहायत अश्लील और भद्दा था. टोनी के बॉयफ्रेंड ने जब मैसेज देखा तो उसके कान खड़े हो गए. उसने टोनी से पूछा तो टोनी ने उसे पूरी कहानी सुनाई. टोनी के बॉयफ्रेंड ने तब उसे बताया कि अपने अंकल की शिकायत करना कितना जरूरी है. धीरे-धीरे अपने बॉयफ्रेंड की मदद से टोनी, एंडी की शिकायत करने की हिम्मत जुटा पाई.


शिकायत के बाद जब घर की तलाशी हुई तो एक अलमारी से ढेर सारा टीन पॉर्न आर सेक्स के सामान मिले. टोनी का एक अंडरवियर भी निकला. टोनी के लिए ये दुखद था. 2014 में जब टोनी के केस की सुनवाई हुई, एंडी ने 10 बार बच्ची का यौन शोषण करने का आरोप कबूला. एंडी को 4 साल की सजा हुई और एक ऐसे कागज़ पर दस्तखत करवाया गया जिसमें लिखा था कि वो एक यौन शोषक है.


एंडी के पास एक ऐसा प्रेमी था, जिसने उसे उसके नरक जैसे जीवन से निकालने में मदद की. मगर हमारे यहां जाने कितने बच्चे और बच्चियां रोज रिश्तेदारों, यहां तक अपने ही पिता के हाथों यौन शोषण का शिकार होते हैं मगर कुछ कह नहीं पाते. सिर्फ इसलिए कि बच्चों को कभी सिखाया ही नहीं गया कि सेक्स और सेक्शुअल हरासमेंट क्या होता है. क्योंकि हमें लगता है कि इन बातों से अपने बच्चों को दूर रख हम उन्हें सही संस्कार देते हैं.


तो अब आप ही तय करें, सही ‘संस्कार’, या मासूम सी उम्र में यौन शोषण?


 सोर्स:लल्लनटॉप
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 here is the list of launched smartphones

स्मार्टफोन निर्माता कंपनियों Kodak, Alcatel और Ziox ने मोबाइल बाजार में कई हैंडसेट्स तीन हैंडसेट्स लॉन्च किए गए हैं। फोटोग्राफी के शौकीन यूजर्स के लिए Kodak ने Ektra स्मार्टफोन लॉन्च किया है। इस स्मार्टफोन की कीमत 19,990 रुपये है। इसकी बिक्री ई-कॉमर्स वेबसाइट फ्लिपकार्ट पर शुरु हो गई है। 


तो वहीं, Alcatel ने Idol 4 Pro पेश किया है जिसकी कीमत 419.99 ग्रेट ब्रिटेन पाउंड यानि करीब 35,000 रुपये है। इसके अलावा Ziox ने S333 Wi-Fi मार्किट में उतारा है। इसकी कीमत 1,993 रुपये है।


Kodak Ektra की खासियत:

Kodak Ektra 

इसे खासतौर से फोटोग्राफर्स के लिए ही बनाया गया है। इसमें 21 मेगापिक्सल का रियर कैमरा दिया गया है। इसका रियर कैमरा फास्ट-फोकस कैमरा सेंसर, f/2.0 अपर्चर और ड्यूल एलईडी फ्लैश से लैस है। साथ ही इसमें 13 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है जो PDAF और f/2.2 अपर्चर से लैस है। इसका कैमरा DSLR जैसे सीन सेलेक्शन डायल के साथ आता है। 


इसमें कस्टमाइज्ड कैमरा एप दी गई है। इसमें यूजर्स को सीन सेलेक्शन डायल के दौरान रीयल टाइम सेटिंग्स का मौका मिलता है। इसमें HDR, लैंडस्केप, पोट्रेट, मैक्रो, स्पोर्ट, नाइट टाइम और पैनोरामा आदि शामिल हैं।

अन्य फीचर्स:

इसमें 5 इंच का फुल एचडी डिस्प्ले दिया गया है। यह फोन 2.3 गीगाहर्ट्ज हेलियो एक्स20 डेकाकोर प्रोसेसर और 3 जीबी रैम से लैस है। इसमें 32 जीबी की इंटरनल मैमोरी दी गई है। फोन को पावर देने के लिए इसमें 3000 एमएएच की बैटरी दी गई है।


Alcatel Idol 4 Pro के फीचर्स:

Alcatel Idol 4 Pro  

इसमें 5.5 इंच का फुल एचडी एमोलेड डिस्प्ले दिया गया है। यह फोन स्नैपड्रैगन 820 क्वाड-कोर चिपसेट और 4 जीबी रैम से लैस है। इसमें 64 जीबी की इंटरनल स्टोरेज दी गई है, जिसे माइक्रोएसडी कार्ड के जरिए 512 जीबी तक बढ़ाया जा सकता है। 


यह फोन विंडोज 10 पर आधारित है। फोटोग्राफी के लिए इसमें 21 मेगापिक्सल का रियर कैमरा दिया गया है जो टच फोकस और ड्यूल एलईडी फ्लैश से लैस है। साथ ही 8 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है जो रियल-टाइम फेस ब्यूटिफिकेशन और एलईडी फ्लैश से लैस है।


बैटरी और कनेक्टिविटी:

फोन को पावर देने के लिए इसमें 3000 एमएएच की बैटरी दी गई है। कंपनी ने दावा किया है कि यह बैटरी क्विक चार्ज 2.0 तकनीक से लैस है। इसकी बैटरी 95 मिनट में फुल चार्ज हो जाती है। 


यह 20 घंटे तक का टॉक टाइम और 420 घंटे तक का स्टैंडबाय टाइम देने में सक्षम है। कनेक्टिविटी के लिए इसमें 4जी एलटीई (कैट 6.), वाई-फाई 802.11 ए/बी/जी/एन/एसी, वाई-फाई डायरेक्ट, एनएफसी, ब्लूटूथ 4.1, जीपीएस और यूएसबी टाइप-सी पोर्ट (ओटीजी सपोर्ट) जैसे फीचर्स दिए गए हैं।


Ziox S333 Wi-Fi:

Ziox S333 Wi-Fi: 

यह फोन वाई-फाई फीचर से लैस है। भारतीय मार्किट में इसकी कीमत 1,993 रुपये है। इसमें 2.4 इंच का डिस्प्ले दिया गया है। इसमें 1750 एमएएच की बैटरी दी गई है। इसमें 32 जीबी के माइक्रोएसडी कार्ड से इंटरनेट मैमोरी को बढ़ाया जा सकता है। इस फोन में कई भाषाओं का सपोर्ट दिया गया है। साथ ही इसमें एफएम रेडियो रिकॉर्डिंग फीचर भी दिया गया है।




सोर्स:जागरण.कॉम
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 india china tension modi govt to constructing 73 roads along china border

भारत और चीन के बीच लगातार तल्खियां बढ़ती जा रही हैं. सीमा पर हरकतें करने के साथ चीन और वहां की मीडिया भारत पर दबाव बनाने के लिए लगातार प्रोपेगेंडा भी कर रहा है. ऐसे में हर भारतीय के जेहन में सवाल उठना लाजमी है कि क्या भारत सरकार चीन को नियंत्रित करने के लिए क्या कर रहा है? 


हाल के दिनों के रक्षा और गृह मंत्रालय के हवाले से मीडिया में छपी खबरों पर गौर करेंगे तो पता चलता है कि भारत सरकार कई ऐसे काम कर रही है, जिससे चीन अपनी हदें न पार कर सके. एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज दुनिया की दूसरे ताकतवर देशों को अपने साथ खड़े करने में लगे हैं, ताकि कूटनीतिक तरीके से चीन पर दबाव बनाया जा सके. दूसरी तरफ भारत सरकार चीन से सटे इलाकों में कई तैयारियां भी कर रही हैं. आइए उन तैयारियों पर एक नजर डालते हैं.



चीन को उसी के प्लान से मात देने की तैयारी

चीन की लगातार कोशिश रही है कि वह बॉर्डर इलाके में इतनी सुविधाएं बना ले ताकि उसके जवान भारत की सीमा तक आसानी से पहुंच सकें. इसके लिए वह लगातार सीमावर्ती इलाकों में सड़क निर्माण करवा रहा है. पिछले कुछ समय से चीन चुंबी घाटी में सड़कें बनाने में जुटा है. उसी को भारतीय सैनिकों ने रोक दिया.


 इसी बात को वह पचा नहीं पा रहा है. चीन जिस जगह सड़के बनाने पर अड़ा हुआ है, वह मैक मोहन लाइन के मुताबिक भारत के क्षेत्र में पड़ता है, पर चीन 1914 के इस समझौते को मानता ही नहीं और उसे अपना हिस्सा बताता है.




चीन के इसी तरीके को अपनाते हुए भारत ने भी उसे जवाब देने का फैसला किया है. भारत सरकार अब चीन सीमा के आसपास 73 सड़कें बनवाने जा रही है. पहले भारत की रणनीति थी कि अगर बॉर्डर इलाके वीरान होंगे तो युद्ध जैसे हालात बनने पर चीनी सेना को भारतीय सीमा में घुसने में मुश्किलें होंगी. 


वहीं चीन ठीक इससे उलट बॉर्डर इलाकों में जानबूझकर सड़कें बनवाता रहा. भारत ने उसकी रणनीति को भांपते हुए सड़कें बनवाने का फैसला किया है, ताकि युद्ध की दशा में इन सड़कों के माध्‍यम से आसानी से आवागमन हो सके. गृह राज्‍यमंत्री किरण रिजिजू ने मंगलवार को लोकसभा में इस बात की जानकारी दी.




रक्षा मंत्रालय के खर्चे से बनेंगी 46 सड़कें

किरण रिजिजू ने बताया है कि चीन के बॉर्डर इलाकों में रक्षा मंत्रालय के खर्च से 46 सड़कों का निर्माण कराया जाएगा. वहीं 27 सड़कों का निर्माण गृह मंत्रालय करवाएगा. किरण रिजिजू ने अपने जवाब में कहा कि 30 सड़कों का निर्माण लगभग-लगभग पूरा भी हो चुका है.




पांच साल पहले ही बन जानी थीं सड़कें

इन 73 सड़कों का निर्माण साल 2012-13 तक हो जाना था. निर्माण में हुई देरी पर किरण रिजिजू ने बताया कि ये इलाके काफी ऊंचाई पर हैं. साथ ही यहां बीहड़, कठिन इलाके और प्राकृतिक आपदाओं के चलते भूमि अधिग्रहण को लेकर खासा परेशान सामने आ रही थी. उन्‍होंने बताया कि सैन्‍य अधिकारियों के साथ मुलाकात के बाद इस मुद्दे को सुलझा लिया गया है.



मालूम हो कि जम्मू-कश्मीर से लेकर अरूणाचल प्रदेश तक भारत और चीन की सीमा की लंबाई 3,488 किलोमीटर है. इसका 220 किलोमीटर लंबा खंड सिक्किम में आता है. पिछले दिनों चीनी और पाकिस्तानी मीडिया ने भारतीय फौजियों पर हमले का भ्रम फैला रहा है.



सोर्स:NDTV
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myths related to month of sawan and lord shiva


सावन का पवित्र महीना चल रहा है. वैसे तो सारे महीने पवित्र हैं लेकिन सावन भोलेनाथ के लिए रिजर्व है. दिल्ली से लेकर हरिद्वार तक के नेशनल हाईवे कांवड़ियों से भरे हुए हैं. फुल स्पीड में गाजा बाजा डीजे भजन डांस चल रहा है. हमारे व्हाट्सऐप से लेकर फेसबुक तक पर “सावन में न करें ये काम नहीं तो भोले रूठ जाएंगे” वाले मैसेज और पोस्ट आ रहे हैं. इन मैसेजेस में कुछ सच्चाई भी है लेकिन कई सारी चीजें टोटल झुट्ठी हैं.


 अगर भोले को पता चल गया कि लोगों ने उनके नाम से झूठ फैला रखा है तो क्रोधित हो जाएंगे. तांडव तो वो बहुत रेयर कंडीशन में करते हैं. लेकिन फिर भी छोटा मोटा श्राप तो दे ही सकते हैं. इसलिए इन मिथ्स को जान लें और इनसे बचने को तैयार रहें.


1. दूध का सेवन न करें:


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हर साल सावन में ये मैसेज आता है कि सावन में दूध का सेवन नहीं करना चाहिए. वैज्ञानिकों के अनुसार इस महीने दूध में वात बढ़ जाता है. व्हाट्सऐप वैज्ञानिकों के मुताबक घास पर कीड़े मकोड़े बढ़ जाते हैं जिनको गौमाता घास के साथ खा जाती हैं. इसलिए दूध हानिकारक हो जाता है.  



कीड़े मकोड़ों वाला लॉजिक बचकाना है जो सच्ची में गाय चराने जाता है वो जानता होगा. घर में भी हरा चारा काटने के दौरान सिर्फ सावन में कीड़े आ जाते हों, ऐसा नहीं होता. घास के पास जाते ही कीड़े फुर्र से उड़ जाते हैं. 



साथ ही ये लॉजिक भी दिया जाता है कि इसी वजह से दूध शिव जी को चढ़ा दिया जाता है, खुद सेवन नहीं किया जाता. ये तो और गलत बात है. मतलब जिससे तुम्हारा नुकसान होने वाला है वो भोले को अर्पण कर दो. उनको बेवकूफ समझ रखा है क्या. वो विष पी लेते हैं तो मतलब ये नहीं कि जिस दूध में तुमको विष नजर आ रहा है वो उनको पिला दो. शर्म करो, वो भगवान हैं, उन्हें दूध की कमी नहीं है जो तुम्हारा कथित विषैला दूध पिएंगे.



2. बैंगन नहीं खाना+मांसाहार से बचना:


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बैंगन के बारे में भी यही बात है कि इसमें सावन में कीड़े पड़ जाते हैं. सावन में मांस का सेवन वर्जित है इसलिए बैंगन नहीं खा सकते. मांस वाला लॉजिक तो सही नहीं है क्योंकि कीड़ों में मांस और हड्डी कुछ नहीं होता है. लेकिन कीड़े वाली सब्जी खाना बहुत यक्की मामला है, मांसाहारी लोग भी नहीं खाते हैं. 


यहां सब बेयर ग्रिल्स थोड़ी हैं. हां जीव हत्या वाला मामला सही है. लेकिन अगर भोलेनाथ जीव हत्या से नाराज होते हैं तो साल के 365 दिन नाराज होंगे. इसलिए अगर कीड़े वाला बैंगन नहीं खाना है या मांसाहार नहीं करना है तो पूरे साल नहीं करना है, उसके लिए सावन का इंतजार मत कीजिए.


3. बुरे विचारों से बचें:

पता नहीं इस लॉजिक का सिर्फ सावन से क्या संबंध है? बुरे विचारों से बचने के लिए किसी सावन भादों की जरूरत नहीं है. कहते हैं कि स्त्रियों के प्रति भी बुरे विचार मन में नहीं लाने चाहिए. नहीं तो पूजा में मन नहीं लगता. 


भोले अंतर्यामी हैं, वो सावन के अलावा बाकी महीनों में ऑफलाइन नहीं रहते हैं. अगर आप उनके सच्चे भक्त हैं तो हमेशा राडार पर रहेंगे और जैसे ही सावन बीता और आपने बुरे विचार मन में लाए, उसी दिन से भगवान भोलेनाथ रुष्ट हो जाएंगे. बुरे विचार यानी निगेटिव एनर्जी, इनसे पूरे साल बचकर रहना चाहिए, पूजा में लगे हों या नहीं, तभी करियर में पढ़ाई में या फैमिली में तरक्की होगी.


4. इन खास लोगों का भूलकर न करें अपमान:


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बूढ़े बुजुर्ग, गुरु, पति या पत्नी, मां बाप, भाई बहन और ऐसे तमाम लोगों का सावन में अपमान न करें नहीं तो भोले क्रोधित हो जाएंगे. सावन बीतने के बाद क्या शिव जी भूल जाएंगे कि आपने पूरे महीने उनको धोखे में रखा. सावन बीतते ही अपनी औकात में आ गए?


 भैये इनका क्या किसी का भी अपमान करने का किसी को कोई हक नहीं है. भले वो सावन में व्रत रहता हो या न रहता हो. सिर्फ सावन में ही नहीं, पूरे साल के लिए सोचकर रखिए कि किसी को दुख नहीं देना है. अपमानित नहीं करना है. भारत का सबसे बड़ा महाकाव्य रचने वाले वेद व्यास इसके बारे में क्या कहते हैं, वो याद कर लो तो सारी जिंदगी संवर जाएगी.


अष्टादश पुराणेषु व्यासस्य वचनद्वयम् |
परोपकारः पुण्याय पापाय परपीडनम् ||

अर्थात व्यास के 18 पुराणों में सिर्फ दो ही बातें लिखी हैं. दूसरों पर उपकार करना पुण्य है और किसी का दिल दुखाना सबसे बड़ा पाप है.

 
5. सुबह बिस्तर जल्दी छोड़ें:

कहते हैं कि सावन में यदि भगवान भोलेनाथ की कृपा प्राप्त करनी है तो सुबह जल्दी जागना होगा. सिर्फ सावन में जल्दी उठने से क्या होगा. ये वही लॉजिक है कि संडे को देर तक सो लो तो पूरे हफ्ते की थकान उतर जाती है. या दो दिन न खाओ उसके बाद दोनों दिन का एक ही दिन खा लो तो पेट दो दिन की भूख कवर कर लेगा. 


भैया अगर स्वस्थ रहना है, काम में तरक्की करनी है, शिव जी को प्रसन्न करना है तो सिर्फ एक महीने से कुछ नहीं होगा. सावन का महीना स्पेशल है लेकिन बाकी के महीने शिव सोते नहीं रहते हैं.



6. पति-पत्नी के लिए खास सूचना:

 shiv parvati

पति पत्नी को सावन के महीने में एक दूसरे से दूर रहना है अर्थात ब्रह्मचर्य का पालन करना है. नहीं तो भोलेनाथ कुपित हो जाएंगे. ऐसा कहा जाता है कि इस महीने में संभोग करने से गर्भ धारण करने के ज्यादा चांसेज रहते हैं. और व्रत उपवास कर रही महिला कमजोर होती है इसलिए गर्भ उसके लिए खतरनाक हो सकता है. पहली बात तो ये कि सबसे ज्यादा गर्भ धारण फरवरी में होते हैं क्योंकि उसी महीने में वैलेंटाइन्स डे होता है. दूसरी बात सावन में अगर गर्भ धारण हो भी जाता है तो उसका बुरा असर नहीं पड़ने वाला. गर्भ की प्रोसेस 9 महीने की होती है, सावन के व्रत उपवास का असर 9 महीनों तक नहीं रहता. हां ये अलग बात है कि व्रत उपवास के समय सेक्स का मन शायद ही लोगों का बनता हो. और अगर किसी एक का बनता भी होगा तो दूसरा भी तैयार हो, ऐसा नहीं लगता.


7. शराब से दूर रहें:

सावन के महीने में शराब से दूर रहना चाहिए क्योंकि इससे शरीर का तापमान बढ़ता है. ठंढाई से नहीं बढ़ता तभी तो उसका नाम ठंढाई है. वैसे कुछ खाना या पीना पर्सनल मामला है, इस पर शिव जी ही रोक लगा सकते हैं. हम कुछ कहेंगे तो अभी ट्रोल कर लोगे. फिर भी बता रहे हैं कि कोई भी चीज जो आपके दिमाग पर कंट्रोल करे, वो खाना पीना ठीक नहीं है. अगर झेलने की ताकत है तो चाहे जो पियो, कच्ची या पक्की, खुशी में चाहे गम में, लेकिन एक ढक्कन में चढ़ जाती है तो क्या सावन क्या भादों, हाथ जोड़ लो, भगवान भोलेनाथ कल्याण करें.



सोर्स:लल्लनटॉप
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Ravi Shastri 


क्रिकेट अडवाइजरी कमेटी द्वारा नियुक्त भारत के नये मुख्य कोच रवि शास्त्री की आज बीसीसीआई के साथ एक महत्वपूर्ण मीटिंग हुई, जिसमें बीसीसीआई ने रवि शास्त्री की मौजुदगी में सपोर्टिगं स्टॉफ के नाम का ऐलान किया। 


मीटिंग में बीसीसीआई ने यह स्पष्ट कर दिया कि टीम के बोंलिग कोच केे रूप में अरूण होंगे, जिसको लेकर एक लम्बा विवाद चला आ रहा था । इसके अलावा संजय बांगड़ सहायक कोच की भूमिका में रहेंगे। आपको बता देे संजय बांगड़ अभी तक टीम इंडिया के बतौर बल्लेबाजी कोच की भूमिका में थे।

Ravi Shastri

 यह नियुक्ति बीसीसीआई ने अगले विश्व कप 2019 तक के लिए कर दी है। जिससे यह पूरी तरह साफ हो जाता है कि सपोर्टिंग स्टॉफ चुनने का अधिकार रवि शास्त्री ने अपने पास रखा और इसमें सीएसी की भूमिका को कम कर दिया।



संजय बांगर होंगे सहायक कोच, ऑर श्रीधर को मिली फील्डिंग कोच की भूमिका

sanjay bangar-R. Sridhar 

आपको बता दें संजय बागड़ टीम इंडिया के बल्लेबाजी कोच के रूप में थे, जिनको अब असिस्टेंट कोच की भूमिका मिली है। इसके अलावा श्रीधर को फील्डिंग कोच की भूमिका मिली है। यानी सपोर्टिगं टीम के रूप में चुनने का अधिकार रवि शास्त्री ने अपने पास रखा और सीएसी की इस पर एक भी नहीं चलने दिया। 


आपको मालूम हो कि सीएसी के सदस्य सौरव गांगुली और वर्तमान नियुक्त मुख्य कोच रवि शास्त्री के बीच लगातार विवादों की खबर आती रहती हैं , जिनकी वजह से शास्त्री ने अपना इंटरव्यू विडियो कांफ्रेस के द्वारा दी थी।



रवि शास्त्री के चहेते अरुण होंगे बोलिंग कोच

सबसे ज्यादा विवाद बोलिंग कोच को लेकर हुआ, पर अन्त में रवि शास्त्री के मनपंसद भरत अरुण की नियुक्ति बतौर गेंदबाजी कोच के रूप में हुई। मालूम हो कि क्रिकेट अडवाइजरी कमेटी ने जब मुख्य कोच की नियुक्ति रवि शास्त्री के रूप में की थी, तब इसके साथ ही बोलिंग कोच के रूप में जहीर खान और बल्लेबाजी के कोच को रूप में पूर्व भारतीय खिलाड़ी राहुल द्रविड़ की नियुक्ति की थी।


राहुल और जहीर खान का कटा पत्ता

zaheer khan - rahul dravid 

सुप्रीम कोर्ट के क्रिकेट प्रशासक समिति के अध्यक्ष विनोद राय ने सीएसी के फैसले पर सवाल खड़े कर दिए। सीएसी द्वारा किए गये बल्लेबाजी और बोलिंग कोच की नियुक्ति को असंवैधानिक भी बताया। विनोद राय ने कहा कि बल्लेबाजी और बोलिंग कोच को चुननेे का अधिकार सिर्फ मुख्य कोच को है। सीेएसी को अधिकार सिर्फ मुख्य कोच चुनने का अधिकार है। मालूम हो कि सीएसी में सौरव गांगुली, सचिन तेंदुलकर और वीवीएस लक्ष्मण सदस्य के रूप में है।




सोर्स:cricketaddictor
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The Indian Independence | India-Pakistan Partition

ये दाग़ दाग़ उजाला, ये शब-गज़ीदा सहर,
वो इंतज़ार था जिसका, ये वो सहर तो नहीं.

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ ने इन लाइनों से जिस दर्द को बयां करने की कोशिश की है वो इससे कहीं बड़ा है. वाकई 15 अगस्त की सुबह वो सुबह नहीं रही होगी जिसके लिए देश के युवाओं ने अपना सबकुछ न्यौछावर किया था. भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, आज़ाद ने इस भारत के सपने तो नहीं देखे होंगे.


 सोचिए उस दर्द की तासीर जिसने गुझियों की थाली और सेवइयों के डोंगों की अदला-बदली रोक दी. जिसने हर शाम नुक्कड़ पर मिलने वाले दोस्तों की यारियां छीन लीं. जिसने मुसलमान भाइयों से उनकी हवेलियां हथिया लीं. जिसने हिन्दुओं के लिए लाहौर की गलियों की रोशनी ख़त्म कर दी.


हम ये शब्द लिख-पढ़ रहे हैं, मगर हज़ारों परिवारों ने ये सब सहा है. क्या आप नहीं सोचते कि ये सब क्यों हुआ. कैसे हुआ. कब हुआ. हम सब जानते हैं कि 15 अगस्त को देश आज़ाद हुआ. लेकिन देश के बंटवारे का ज़हरीला फैसला 18 जुलाई 1947 को ले लिया गया था.

 
भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम

18 जुलाई 1947 को भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम को स्वीकृति मिली. इसकी नींव माउंटबेटन योजना ने रखी थी. इसमें देश की आज़ादी के बदले अंग्रेज़ों ने इसके दो टुकड़े करने की ठानी थी. इस काम के लिए चुना गया था लंदन के वकील सर सिरिल रेडक्लिफ को. 


वो रेडक्लिफ जो कभी भारत नहीं आए थे. जिन्हें न यहां की संस्कृति की जानकारी थी न तहज़ीब का इल्म था. जो सिर्फ एक नक्शे पर लकीर खींचने आ रहे थे. उन्हें नहीं पता था कि वो दुनिया का बेहद स्याह फैसला लेने जा रहे हैं. 


इस बंटवारे के तहत हिन्दू बहुल इलाके भारत में और मुस्लिम बहुल इलाके पाकिस्तान में शामिल किए जाने थे. देश के कई राज्यों को आज़ादी दी गई कि वो अपना पाला चुन लें. अधिकतर राज्यों ने धर्म के आधार पर देश चुना. विभाजन के बाद पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र में नए सदस्य के रूप में शामिल किया गया और भारत ने ब्रिटिश भारत की कुर्सी संभाली.



The Indian Independence Act 1947 Act received the royal assent
भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम पर 18 जुलाई 1947 को मुहर लगी.


कौन लोग शामिल थे?

अंग्रेज़ों ने फूट डालो-राज करो की नीति के तहत 1906 में मुस्लिम लीग को मान्यता दे दी. उस समय लीग के लगभग सभी सदस्य मुसलमानों के ऊंचे तबके से आते थे. इसी तरह 1915 में बनी हिन्दू महासभा भी हिन्दुओं के ऊंचे तबके की बपौती थी. 


मुस्लिम लीग और हिन्दू महासभा-आरएसएस अपने-अपने ‘राष्ट्रों’ पर नियंत्रण स्थापित करना चाहती थीं. कांग्रेस और राष्ट्रीय स्वाधीनता आंदोलन का लक्ष्य आज़ादी पाना था. एक देश के लिए लक्ष्य अलग-अलग होंगे तो राहें मुश्किल ही होंगी. इसके बाद पंडित नेहरू ने 1937 में मुस्लिम लीग के सदस्यों को उत्तरप्रदेश की सरकार में शामिल करने से इनकार कर दिया. 


इस इनकार ने चोट का काम किया. लीग में गुस्सा बढ़ रहा था. 1945 में शिमला सम्मेलन हुआ. इसमें वायसराय लॉर्ड वेवैल के साथ देश के बड़े नेताओं ने हिस्सा लिया. हालांकि यह सम्मेलन विफल रहा था. जिन्ना भी इस सम्मेलन में शामिल थे. ये वही जिन्ना हैं जिन्होंने हिन्दू-मुस्लिम एकता पर जोर देते हुए मुस्लिम लीग के साथ लखनऊ समझौता करवाया था. लेकिन कांग्रेस से नाख़ुशी के बाद जिन्ना ने अलग देश की मांग कर ली. क्योंकि उन्हें लगने लगा कि भारत में मुसलमानों के साथ परायों जैसा बर्ताव हो रहा है.


जसवंत सिंह ने अपनी किताब ‘जिन्ना: इंडिया पार्टीशन इंडिपेंडेंस’ में जिन्ना को एक धर्मनिरपेक्ष नेता बताया है. उनका कहना है कि जिन्ना को अकारण ही खलनायक के रूप में प्रस्तुत किया जाता है.



nehru jinnah
एक मीटिंग में नेहरू, माउंटबेटेन और जिन्ना.


किसने विरोध किया?

विभाजन के लिए कई नेता तैयार नहीं थे. लेकिन निज़ामों ने विरोध करने वालों की एक न सुनी. आजादी के पूर्व तक बाबा साहेब अंबेडकर राजनीति में नहीं थे. दलितों के उत्‍थान के लिए लगातार काम रहे थे. लेकिन उनकी नज़र सियासत पर थी. वे लगातार भारतीय राष्‍ट्रीय कांग्रेस और उनके बड़े नेताओं महात्‍मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू की गलत और सही नीतियों की आलोचना कर रहे थे. मुस्‍लिम लीग के मोहम्‍मद अली जिन्‍ना को भी उन्‍होंने नहीं बख्‍शा था. उन्होंने विभाजन का कड़ा विरोध किया था. वो देश को अखंड देखना चाहते थे. उन्होंने इस मुद्दे पर एक किताब ‘थॉट्स ऑन पाकिस्तान’ भी लिखी.


क्या बंटा?

ब्रिटिश भारत की संपत्ति को दोनों देशों के बीच बांटा गया. माउंटबेटन ने भारत सरकार से पाकिस्तान सरकार को 55 करोड़ रुपये देने की सलाह दी थी. भारत सरकार इसे टालती रही लेकिन गांधीजी ने अनशन कर यह राशि पाकिस्तान को दिलाई. इस वजह से कई लोग गांधी की आलोचना करते रहे हैं.


बंटवारे के बाद क्या हुआ

विभाजन के बाद कई महीनों तक दोनों नए देशों के बीच लोगों की आवाजाही हुई. भारत से कई मुसलमानों ने डर और अपने मुल्क की चाहत में पलायन किया तो पाकिस्तान से हिन्दुओं और सिखों ने अपना घर छोड़ दिया. जो नहीं छोड़ना चाह रहे थे उन्हें हालातों ने मजबूर कर दिया. 


लूटपाट, हत्याएं, बलात्कार जैसी तमाम घटनाओं ने इस तारीख को लोगों के ज़ेहन में काली स्याही पोत दी. कुछ अपनी दोस्ती रिश्तेदारी भूल गए, कुछ इसे बचाने के लिए जान से गए. बहन-बेटियों की लूट हुई. जिसका दंश लोग अबतक भूल नहीं पाए हैं. सीमा रेखाएं तय होने के बाद लगभग 1.45 करोड़ लोगों ने सीमा पार करके अपने ‘नए देश’ में शरण ली.


1951 की विस्थापित जनगणना के अनुसार विभाजन के बाद 72,26,000 मुसलमान भारत छोड़कर पाकिस्तान गए और 72,49,000 हिन्दू और सिख पाकिस्तान छोड़कर भारत आए. पंजाब और लाहौर ने सबसे ज़्यादा दर्द सहा. आज भी न जाने कितनी कहानियां अनसुनी हैं. 


आज भी न जाने कितनी दास्तानों को लफ़्ज़ नहीं मिल सके. आंकड़ों की मानें तो इस बंटवारे में 20 लाख लोगों की जान गई. लेकिन ये सिर्फ आंकड़ा है. ट्रेनों में लाशों का जत्था, मोहल्लों में आगजनी और गांवों के पलायन में गई जानों की ठीक गिनती कर पाना नामुमकिन है.

pinjar 



फिल्मों में विभाजन

इस त्रासदी पर देश-दुनिया पर कई उपन्यास लिखे गए. कहानियां गढ़ी गईं. फिल्में-डॉक्युमेंट्री बनाई गईं. यशपाल की ‘झूठा सच’, भीष्म साहनी की ‘तमस’, अमृता प्रीतम की ‘पिंजर’, खुशवंत सिंह की ‘ट्रेन टू पाकिस्तान’ और सलमान रुश्दी की ‘मिडनाइट्स चिल्ड्रन’ (आधी रात की सन्तानें) में जो दर्द दिखाने की कोशिश हुई है वो एक नमूना भर है. 


पिंजर को फिल्म और तमस को दूरदर्शन का धारावाहिक भी बनाया गया. इसके अलावा ‘गरम हवा’, दीपा मेहता की ‘अर्थ’ (ज़मीन), कमल हसन की ‘हे राम’ भी भारत के विभाजन को दिखाती है. एक पंजाबी लड़की की जबरन मुसलमान के साथ शादी, लाहौर के ज़मीदार का भारत आकर पैसे-पैसे को तरसना, अपने एक साल के बच्चे को खो देना, पूरा का पूरा परिवार क़त्ल हो जाना, और ऐसे न जाने कितने हालात उस वक़्त एक साथ गुज़र रहे थे. इन सब को किसी फ़िल्म में समेट पाना मुमकिन ही नहीं है.


आखिर में भारत भूषण अग्रवाल की ये लाइनें पढ़िए-

तुमने सारे ठाठ इस आधार पर बनाए थे
कि एक की विजय
और दूसरे की पराजय होगी
तुमने दुनिया के लोगों को
या तो शत्रु समझा
या फिर मित्र
यानी तुम दो की सत्ता में विश्वास करते रहे
यह भूलकर
कि यह विभाजन दुनिया का नहीं
तुम्हारे मन का अपना है.



सोर्स:लल्लनटॉप
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 James Anderson

इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच चार टेस्ट मैचों की श्रृंखला का दूसरा टेस्ट मैच शुरू हो चुका हैं. दोनों टीमों के बीच दूसरा टेस्ट मैच  शुक्रवार, 14 जुलाई से शुरू हो चुका हैं. 


दोनों टीमों के बीच यह रोमांचक टेस्ट मैच नाटिंघम के मैदान पर खेला जा रहा हैं. जहाँ मेहमान टीम के कप्तान फाफ डू प्लेसिस ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का फैसला किया.


जेम्स एंडरसन ने रचा इतिहास


James Anderson
(Photo by: Getty Images)

दक्षिण अफ्रीका की टीम के लिए टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का फैसला बिलकुल गलत साबित हुआ. पिछले मैच में टीम की अगुवाई करने वाले सलामी बल्लेबाज़ डीन एल्गर सस्ते में ही चलते बने. डीन एल्गर मात्र 6 रन बनाकर ही अपनी विकेट गवां बैठे. डीन एल्गर को विश्व क्रिकेट के महान और इंग्लैंड क्रिकेट टीम के लिए टेस्ट मैचों में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले तेज गेंदबाज़ जेम्स एंडरसन ने अपना शिकार बनाया.


डीन एल्गर को आउट करने के साथ ही जेम्स एंडरसन ने रचा विश्व कीर्तिमान. आप सभी सोच रहे होगे, कि इस बार जेम्स एंडरसन ने ना जाने कौन सा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. चलिए हम आपको बताते हैं.



रिकॉर्ड हैं बेहद ही ख़ास


James Anderson
(Photo by : Getty Images)

जेम्स एंडरसन मैदान पर खेल रहे हो और रिकॉर्ड ना बने ऐसा भला कैसे संभव हैं. मैदान पर बड़े बड़े रिकॉर्ड बनाने के लिए मशहुर जेम्स एंडरसन टेस्ट क्रिकेट में घरेलू मैदानों पर सबसे पहले 300 विकेट लेने वाले तेज गेंदबाज़ बन गये हैं. आज तक टेस्ट क्रिकेट के अभी तक के इतिहास में किसी भी तेज गेंदबाज़ ने घरेलू मैदानों पर 300 विकेट नहीं लिए थे.


आपकी जानकारी के लिए बता दे, कि जेम्स एंडरसन अभी तक इंग्लैंड के लिए 124 टेस्ट मैचों में सर्वाधिक 471 विकेट हासिल कर चुके हैं. जेम्स एंडरसन यह रिकॉर्ड बनाने वाले पहले तेज गेंदबाज़, जबकि ओवर ऑल टेस्ट क्रिकेट के चौथे गेंदबाज़ बने हैं. 


आइये डालते हैं, एक नज़र टेस्ट क्रिकेट में बतौर तेज गेंदबाज़ घरेलू मैदानों पर सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले खिलाड़ियों पर:-

नाम                       देश                      विकेट
जेम्स एंडरसन     इंग्लैंड 300
ग्लेन मैकग्राथ ऑस्ट्रेलिया 289
मकाया एंटीनी* दक्षिण अफ्रीका 49
डेल स्टेन दक्षिण अफ्रीका 241
शॉन पोलाक* दक्षिण अफ्रीका 235
स्टुअर्ट ब्रॉड इंग्लैंड 234


नोट:- 1 . जिन खिलाड़ियों के नाम के आगे {*} लगा हैं, वह इस बात की और संकेत करता हैं, कि वह अब टेस्ट क्रिकेट से सन्यास ले चुके हैं. 


2 . यह आंकड़े दक्षिण अफ्रीका के पहले विकेट गिरने तक के हैं और 14 जुलाई तक के ही हैं.



सोर्स:स्पोर्ट्सवीकी
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