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कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर पीएम मोदी और उनकी सरकार पर जमकर हमला बोला. यूपी में चुनावी सुगबुगाहट के बीच राहुल गांधी लखनऊ पहुंचे और कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद किया. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने उनसे कई सवाल पूछे जिनका जवाब उन्होंने दिया. राहुल ने कहा कि मोदी जी ने देश के लोगों से झूठे वादे किए हैं और लोगों के मुंह से दाल तक छीन ली.


राहुल गांधी ने कार्यकर्ताओं से कहा: 

1. राहुल गांधी ने कहा कि मोदी जी 3-4 उद्योगपतियों के लिए काम कर रहे हैं. 

2. हम महंगाई और किसानों के लिए प्रदर्शन करेंगे. 

3. हर हर मोदी और अरहर मोदी अब नारा बन गया है. 

4. आम आदमी के मुंह से अब मोदी सरकार दाल छीन रही है. 

5. हम उत्तर प्रदेश की बात करने आए हैं, हम एक साथ लड़ेंगे और यूपी को मंजिल तक पहुंचाएंगे. 

6. मोदी जी ने गरीबों से झूठे वादे किए. 

7. स्वच्छता अभियान चलाया गया लेकिन देश में कहीं सफाई नहीं हुई.


कांग्रेस नेताओं को नसीहत देते हुए राहुल ने कहा कि जनता से जुड़ने के लिए महीने में 20 से 25 दिन तक जमीन पर उतरना पड़ेगा. जो लोग जमीन पर और जनता के बीच में दिखेंगे, जिनका कुर्ता गिला होगा, उन्हीं को कांग्रेस आगे बढ़ाएगी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के पास अच्छे सुझाव हैं.

शीला दीक्षित को सीएम उम्मीदवार बनाने पर राहुल का नजरिया: 


1. शीला दीक्षित ने दिल्ली को बदल दिया. दिल्ली की जनता आज भी कांग्रेस को याद करती है. 

2. दिल्ली में पहले काम होता था अब केवल ड्रामेबाजी होती है. 

3. पार्टी के लिए युवा जरूरी है लेकिन अनुभव का साथ होना चाहिए, इसलिए यूपी में शीला दीक्षित को लेकर आए हैं. 

4. कांग्रेस ने अगर अपनी सोच यूपी की जनता को ठीक से बताई तो कांग्रेस यूपी में सरकार बनाएगी.



सोर्स:आजतक 
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पीटीआई-भाषा 


किंगस्टन, 29 जुलाई : भाषा : भारत के मध्यक्रम के बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने आखिरी अर्धशतक छह पारियों पहले बनाया था लेकिन सौराष्ट्र के इस बल्लेबाज ने कहा कि वह अपने फार्म को लेकर ज्यादा चिंतित नहीं है और टीम की सफलता में योगदान देकर खुश हैं।


पुजारा वेस्टइंडीज के खिलाफ एंटीगा टेस्ट में पहली पारी में सिर्फ 16 रन बना सके थे ।


उन्होंने कहा ,‘‘ मैं चिंतित नहीं हूं । कुल मिलाकर अच्छी बल्लेबाजी कर रहा हूं । दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ श्रृंखला में भी चुनौतीपूर्ण विकेटों पर अच्छी बल्लेबाजी की थी । कई बार आपको यथार्थवादी होकर अपने शतक या दोहरे शतक की बजाय देखना पड़ता है कि आपका टीम की सफलता में क्या योगदान है ।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ मैने पिछले टेस्ट में एक खराब शाट खेला । 

पहले सत्र में मैने मेहनत की थी जब गेंद स्विंग ले रही थी । मैने हमेशा अपनी भूमिका जिम्मेदारी के साथ निभाई है । मैने अनिल कुंबले से भी बात की है और उन्होंने मुझे मेरी बल्लेबाजी के बारे में कुछ बातें बताई । सबसे अहम यह है कि उन्होंने कहा कि वह अतीत में मेरे योगदान से खुश है और मौजूदा फार्म को लेकर सकारात्मक है ।’’ पुजारा ने कहा कि भारत की नजरें श्रृंखला में क्लीन स्वीप करने पर है ताकि भविष्य में नंबर एक टीम बन सके ।


उन्होंने कहा ,‘‘ हमारा पहला लक्ष्य श्रृंखला जीतना है और हम यहां सारे टेस्ट जीतना चाहते हैं लेकिन एक समय में फोकस एक मैच पर होगा । टीम का माहौल सकारात्मक है और सभी अच्छे प्रदर्शन को बेकरार है ।’’
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पीटीआई-भाषा 




किंगस्टन, 29 जुलाई : भाषा : भारतीय टेस्ट कप्तान विराट कोहली ने गैरी सोबर्स को उनके 80वें जन्मदिन पर बधाई देते हुए वेस्टइंडीज के इस महान क्रिकेटर से मिलने की इच्छा जताई है ।


कोहली ने एक वीडियो संदेश में कहा ,‘‘ मैदान पर आपके : सोबर्स के : प्रदर्शन को हमेशा याद किया जायेगा । आप उन कुछ खिलाड़ियों में से हैं जिन्होंने खेलने का तरीका बदला । शानदार कैरियर और जीवन के लिये बधाई । मेरी खुशकिस्मती है कि आपको आपके 80वें जन्मदिन पर शुभकामना दे रहा हूं ।’’ वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड ने यह संदेश पोस्ट किया है । 

इसमें आगे लिखा गया ,‘‘ मुझे यकीन है कि आप दुनिया भर में यूं ही लोगों को प्रेरित करते रहेंगे । आपका खेल देखने में मजा आता रहा है । मैं आपसे मिलकर किसी दिन खेल पर बात करना चाहूंगा । यह मेरे जीवन की इच्छाओं में से एक है ।’’ भारत के कोच अनिल कुंबले, सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा और वेस्टइंडीज के कप्तान जासन होल्डर ने भी कैरेबियाई बोर्ड के ट्विटर हैंडिल पर वीडियो संदेश भेजे ।




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पीटीआई-भाषा 



मारलॉ, 29 जुलाई : भाषा : भारतीय जूनियर हाकी टीम ने इंग्लैंड दौरे पर अपना अपराजेय अभियान बरकरार रखते हुए मेजबान इंग्लैंड को 7 - 1 से हरा दिया ।

भारत के लिये अजय यादव : 27वां और 43वां मिनट : और वरूण कुमार : 32वां और 35वां : ने दो दो गोल किये । मनप्रीत : 15वां:, गुरजंत सिंह : 38वां : और सिमरनजीत सिंह : 40 वां मिनट : ने एक एक गोल किये ।

इंग्लैंड के लिये एकमात्र गोल एड होल्डर ने दागा ।

भारतीयों ने शुरूआत से ही गेंद पर नियंत्रण बनाये रखा और इसका फायदा 15वें मिनट में मनप्रीत के गोल के रूप में मिला । इंग्लैंड को तुरंत पेनल्टी कार्नर मिला जिस पर होल्डर ने बराबरी का गोल किया ।

इसके बाद हालांकि इंग्लैंड टीम पूरे समय दबाव में रही । भारत के लिये गुरजंत के क्रास पर दूसरे क्वार्टर में अजय ने गोल किया । इसके बाद वरूण कुमार ने गोल करके भारत को 3 -1 की बढत दिला दी । ब्रेक तक एक और गोल करके यह बढत उसने 4 - 1 की कर दी ।

गुरजंत और सिमरनजीत के गोलों के दम पर भारत ने तीसरे क्वार्टर में 6-1 की मजबूत बढत बना ली और आखिरी क्वार्टर में अजय ने पेनल्टी कार्नर पर गोल करके भारत को 7 - 1 से जीत दिलाई ।
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इस्लामाबाद : अमेरिका में पाकिस्तान के पूर्व राजदूत हुसैन हक्कानी ने कहा है कि कश्मीर और पीओके में होने वाली घटनाओं को लेकर न तो भारत और न ही पाकिस्तान को चिंतित होना चाहिए। हक्कानी ने कहा कि भारत और पाकिस्तान को एक-दूसरे के नियंत्रण वाले कश्मीर में दखल भी नहीं देना चाहिए। ऐसा करने से कश्मीर में कुछ हद तक शांति संभव हो सकती है।

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में हाल ही में चुनाव हुए हैं और इस चुनाव में पीएमएल (एन) के पक्ष में धांधली करने का आरोप लगा है। इसके खिलाफ पीओके में प्रदर्शन भी हो रहे हैं। हक्कानी ने कहा कि यह समस्या गिलगिस्तान की है और पीओके की इस समस्या का समाधान पाकिस्तान पर जबकि भारत के हिस्से वाले कश्मीर की समस्या को नई दिल्ली पर छोड़ देना चाहिए।

हक्कानी ने जोर देकर कहा कि ऐसा करने से ही कश्मीर में कुछ हद तक शांति संभव हो सकती है।
हक्कानी ने समाचार एजेंसी 'एएनआई' से कहा, 'मैंने सुना है कि पीओके के बारे में कुछ लोगों ने इस बात की शिकायत की है कि उम्मीद के अनुसार वहां चुनाव नहीं हुए। लेकिन मेरा मानना है कि यह समस्या गिलगिस्तान की है। पीओके को पाकिस्तान पर छोड़ देना चाहिए और कश्मीर का जो हिस्सा भारत के पास है उसकी समस्याओं से निपटने की जिम्मेदारी नई दिल्ली पर छोड़ देनी चाहिए। ऐसा करने से कश्मीर में कुछ शांति हो सकती है।'
हक्कानी ने इससे पहले कहा था कि भारत और पाकिस्तान के बीच 69 वर्ष पुराने अनसुलझे संबंध प्रतीकात्मक भाव-भंगिमाओं से नहीं सुलझ सकते। इसके बजाय इसके लिए दोनों देशों के रुख में बड़े बदलाव की जरूरत है।
हक्कानी ने कहा, ‘एक संबंध जो पिछले 69 वर्षों से नहीं सुलझा वह केवल प्रतीकात्मक भाव भंगिमाओं से नहीं सुलझ सकता। दोनों देशों के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और नरेंद्र मोदी अच्छे संबंध चाहते हैं लेकिन इसके लिए रुख में भी एक बड़े बदलाव की जरूरत है। रुख में वह बदलाव नहीं आया है।’ उन्होंने यह बात तब कही कि जब उनसे भारत और पाकिस्तान के संबंधों में सुधार के लिए मोदी की ओर किये गए प्रयासों की समीक्षा करने के लिए कहा गया, जो वर्तमान की तुलना में उनके कार्यकाल की शुरुआत में काफी आशाजनक थे।


सोर्स:ज़ी न्यूज़ 
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बॉलीवुड के अभिनेता संजय दत्त का आज जन्मदिन है. बॉलीवुड के 'मुन्नाभाई' संजय दत्त 29 जुलाई को 57 साल के हो गए हैं.पर्दे पर कभी नायक तो कभी खलनायक बनकर लोगों का दिल जीतने वाले संजय दत्त की जिंदगी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. 29 जुलाई 1959 को सुनील दत्त और नरगिस के घर में जन्मे संजू बाबा ने बॉलीवुड के साथ-साथ पूरी दुनिया में खूब नाम कमाया, हालांकि विवादों के साथ भी उनका चोली-दामन का साथ रहा.

संजय बचपन से ही अपने परिवार के लाडले रहे. संजय की शिक्षा कसौली के पास लॉरेंस स्कूल, सनावर में हुई थी. घर में फिल्मी माहौल रहने के कारण संजय दत्त अक्सर अपनी माता-पिता के साथ शूटिंग देखने जाया करते थे. इस वजह से उनका भी रुझान फिल्मों की ओर हो गया और वह भी अभिनेता बनने के ख्वाब देखने लगे. माता-पिता फिल्मों से जुड़े थे तो संजय को एक्टिंग विरासत में मिली थी.
संजय बचपन से ही अपने परिवार के लाडले रहे. संजय की शिक्षा कसौली के पास लॉरेंस स्कूल, सनावर में हुई थी. घर में फिल्मी माहौल रहने के कारण संजय दत्त अक्सर अपनी माता-पिता के साथ शूटिंग देखने जाया करते थे. इस वजह से उनका भी रुझान फिल्मों की ओर हो गया और वह भी अभिनेता बनने के ख्वाब देखने लगे. माता-पिता फिल्मों से जुड़े थे तो संजय को एक्टिंग विरासत में मिली थी.

संजय दत्त ने बतौर बाल कलाकार अपने सिने करियर की शुरुआत अपने पिता के बैनर तले बनी फिल्म 'रेशमा और शेरा' से की. बतौर अभिनेता उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1981 में प्रदर्शित फिल्म 'रॉकी' से की. दमदार निर्देशन, पटकथा और गीत-संगीत के कारण फिल्म टिकट खिड़की पर सुपरहिट साबित हुई.

संजय दत्त ने बतौर बाल कलाकार अपने सिने करियर की शुरुआत अपने पिता के बैनर तले बनी फिल्म 'रेशमा और शेरा' से की. बतौर अभिनेता उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1981 में प्रदर्शित फिल्म 'रॉकी' से की. दमदार निर्देशन, पटकथा और गीत-संगीत के कारण फिल्म टिकट खिड़की पर सुपरहिट साबित हुई.

 1981 में रॉकी फ़िल्म से बॉलीवुड का सफ़र शुरू करने वाले संजय पर सबसे पहले उसी साल दुखों का पहाड़ टूटा जब उनकी मां नर्गिस का निधन हो गया. कहते हैं संजय दत्त उस समय बुरी तरह टूट गए और बाद में गलत संगत और कामयाबी के नशे में उन्हें ड्रग्स की आदत लग गई.


1981 में रॉकी फ़िल्म से बॉलीवुड का सफ़र शुरू करने वाले संजय पर सबसे पहले उसी साल दुखों का पहाड़ टूटा जब उनकी मां नर्गिस का निधन हो गया. कहते हैं संजय दत्त उस समय बुरी तरह टूट गए और बाद में गलत संगत और कामयाबी के नशे में उन्हें ड्रग्स की आदत लग गई.

पिता सुनील दत्त ने संजय की इस नशे की लत को छुड़ाने के लिए जमीन आसमान एक कर दिया. सुनील दत्त उन्हें इलाज के लिए अमरीका में एक नशा उन्मूलन केंद्र ले गए जहां लंबे इलाज के बाद संजय दत्त ने ड्रग्स को अलविदा कहा और दोबारा बॉलीवुड में वापसी की.

पिता सुनील दत्त ने संजय की इस नशे की लत को छुड़ाने के लिए जमीन आसमान एक कर दिया. सुनील दत्त उन्हें इलाज के लिए अमरीका में एक नशा उन्मूलन केंद्र ले गए जहां लंबे इलाज के बाद संजय दत्त ने ड्रग्स को अलविदा कहा और दोबारा बॉलीवुड में वापसी की.

फ़िल्मी दुनिया में आने के बाद संजय को अपने उम्र से बड़ी रिचा शर्मा से मोहब्बत हो गई और और दोनों ने 1987 शादी कर ली. संजय की निजी ज़िन्दगी में एक भूचाल तब आया जब उनकी पुत्री त्रिशाला दत्त के जन्म के कुछ ही दिन बाद उनकी पत्नी ऋचा को ब्रेन कैंसर हो गया और नौ साल बाद ही रिचा की मृत्यु हो गई. संजय फिर अकेले हो गए. फ़िल्मी करियर फिर से मुश्किल में आ गया.

फ़िल्मी दुनिया में आने के बाद संजय को अपने उम्र से बड़ी रिचा शर्मा से मोहब्बत हो गई और और दोनों ने 1987 शादी कर ली. संजय की निजी ज़िन्दगी में एक भूचाल तब आया जब उनकी पुत्री त्रिशाला दत्त के जन्म के कुछ ही दिन बाद उनकी पत्नी ऋचा को ब्रेन कैंसर हो गया और नौ साल बाद ही रिचा की मृत्यु हो गई. संजय फिर अकेले हो गए. फ़िल्मी करियर फिर से मुश्किल में आ गया.

 फ़िल्मी खलनायक की जिंदगी का संकट भरा समय तो सही मायने में 1993 में आया. मुंबई बम धमाकों के दौरान संजय दत्त पर हथियार रखने का खुलासा हुआ. संजय उस समय मॉरिशस में फिल्म आतिश की शूटिंग कर रहे थे. तुरंत मुंबई पहुंचे तो हवाई अड्डे पर पूछताछ के दौरान ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.

फ़िल्मी खलनायक की जिंदगी का संकट भरा समय तो सही मायने में 1993 में आया. मुंबई बम धमाकों के दौरान संजय दत्त पर हथियार रखने का खुलासा हुआ. संजय उस समय मॉरिशस में फिल्म आतिश की शूटिंग कर रहे थे. तुरंत मुंबई पहुंचे तो हवाई अड्डे पर पूछताछ के दौरान ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.

 पूछताछ के दौरान संजय दत्त ने कथित तौर पर इस बात को स्वीकार किया था कि अबू सालेम जनवरी 1992 में मैग्नम वीडियो कंपनी के मालिकों समीर हिंगोरा और हनीफ कड़ावाला के साथ उनके घर आए थे, हालांकि संजय ने सफाई दी कि हथियार उन्होंने अपनी हिफाजत के लिए रखे थे, लेकिन बम धमाकों के साजिश करने वालों के करीबियों से संपर्क रखने का खामियाजा संजय को भुगतना ही पड़ा.

पूछताछ के दौरान संजय दत्त ने कथित तौर पर इस बात को स्वीकार किया था कि अबू सालेम जनवरी 1992 में मैग्नम वीडियो कंपनी के मालिकों समीर हिंगोरा और हनीफ कड़ावाला के साथ उनके घर आए थे, हालांकि संजय ने सफाई दी कि हथियार उन्होंने अपनी हिफाजत के लिए रखे थे, लेकिन बम धमाकों के साजिश करने वालों के करीबियों से संपर्क रखने का खामियाजा संजय को भुगतना ही पड़ा.

टाडा कानून के तहत संजय पर मुकदमा चलाया गया और छह साल की सजा हुई, हालांकि 2006 में संजय को तब बड़ी राहत मिली जब मुंबई बम धमाकों मामले की सुनवाई कर रही टाडा अदालत ने कहा कि संजय एक आतंकवादी नहीं है और उन्होंने अपने घर में ग़ैरकानूनी रायफ़ल अपनी हिफाज़त के लिए रखी थी. उन पर टाडा के आरोप ख़त्म कर दिए गए और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी करार दिया गया। हालांकि 16 महीने जेल की सजा काटने के बाद संजय को जमानत मिल गई. संजय तब से बेल पर थे. जेल और बदनामी का संकट झेलने के बाद संजय दत्त ने फिर से अपनी गाड़ी को पटरी पर लाने की कोशिश की. ये वो दौर था जब संजय अपनी जिंदगी में फिर से अकेले पड़ चुके थे.


टाडा कानून के तहत संजय पर मुकदमा चलाया गया और छह साल की सजा हुई, हालांकि 2006 में संजय को तब बड़ी राहत मिली जब मुंबई बम धमाकों मामले की सुनवाई कर रही टाडा अदालत ने कहा कि संजय एक आतंकवादी नहीं है और उन्होंने अपने घर में ग़ैरकानूनी रायफ़ल अपनी हिफाज़त के लिए रखी थी. उन पर टाडा के आरोप ख़त्म कर दिए गए और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी करार दिया गया। हालांकि 16 महीने जेल की सजा काटने के बाद संजय को जमानत मिल गई. संजय तब से बेल पर थे. जेल और बदनामी का संकट झेलने के बाद संजय दत्त ने फिर से अपनी गाड़ी को पटरी पर लाने की कोशिश की. ये वो दौर था जब संजय अपनी जिंदगी में फिर से अकेले पड़ चुके थे.

बार बार ठोकरे खाने वाले संजय की जिंदगी में 2003 में एक मुकाम आया जब उनकी 'मुन्नाभाई एमबीबीएस' फिल्म रिलीज हुई. इस फिल्म में संजय की रील और रियल लाइफ़ को ही बदल कर रख दिया.

बार बार ठोकरे खाने वाले संजय की जिंदगी में 2003 में एक मुकाम आया जब उनकी 'मुन्नाभाई एमबीबीएस' फिल्म रिलीज हुई. इस फिल्म में संजय की रील और रियल लाइफ़ को ही बदल कर रख दिया.

2006 के बाद संजय दत्त ने कॉमेडी पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया। बुरे किरदारों से लगभग तौबा की और कई फिल्मों में पुलिसिया वर्दी पहन कर अपनी छवि को साफ़ सुथरा रखने की कोशिश की। 2008 में संजय ने तीसरी शादी की और वो भी बड़े नाटकीय अंदाज में। दो साल तक अपने लव अफेयर को छुपाये संजय दत्त ने मान्यता से मुंबई के एक अपार्टमेन्ट में शादी रचाई, लेकिन शादी पर भी विवाद हुआ.


2006 के बाद संजय दत्त ने कॉमेडी पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया। बुरे किरदारों से लगभग तौबा की और कई फिल्मों में पुलिसिया वर्दी पहन कर अपनी छवि को साफ़ सुथरा रखने की कोशिश की। 2008 में संजय ने तीसरी शादी की और वो भी बड़े नाटकीय अंदाज में। दो साल तक अपने लव अफेयर को छुपाये संजय दत्त ने मान्यता से मुंबई के एक अपार्टमेन्ट में शादी रचाई, लेकिन शादी पर भी विवाद हुआ.

मेराज नाम एक शख्स ने ये दावा किया कि मान्यात से उसका निकाह पहले ही हो चुका है और संजय मान्यता की शादी गैर- कानूनी है. एक बार फिर संजय दत्त कानूनी पचड़े में पड़ गए. आठ महीने तक कोर्ट में मामला चला और आखिरकार संजय दत्त के हक में ही फैसला आया.

मेराज नाम एक शख्स ने ये दावा किया कि मान्यात से उसका निकाह पहले ही हो चुका है और संजय मान्यता की शादी गैर- कानूनी है. एक बार फिर संजय दत्त कानूनी पचड़े में पड़ गए. आठ महीने तक कोर्ट में मामला चला और आखिरकार संजय दत्त के हक में ही फैसला आया.



सोर्स:प्रदेश 18 


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सुरक्षा एजेंसियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जान को खतरा बताया है. एजेंसियों ने सलाह दी है कि उनको 15 अगस्त को लालकिले से बुलेटप्रूफ सुरक्षा में भाषण देना चाहिए.
मिली जानकारी के मुताबिक खूफिया विभाग और एसपीजी की ओर से यह बात राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से कही गई है.
टाईम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक माना जा रहा है इस एजेंसियों की ओर से जताई जा रही आशंका के मद्देनजर प्रधानमंत्री मोदी इस बार बुलेटप्रूफ शीशे के अंदर से ही भाषण देंगे क्योंकि इस बार उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा बताया गया है.
अगर प्रधानमंत्री के भाषण के लिए बुलेटप्रूफ शीशा लगाया जाता है तो यह ऐसा पहला मौका होगा. इससे पहले पीएम मोदी ने किसी भी मौके पर इस तरह की सुरक्षा में भाषण नहीं दिया है.
आपको बता दें कि पिछले 2 सालों में मोदी के लालकिले में भाषण देने से कुछ मिनट पहले ही बुलेटप्रूफ सुरक्षा को हटाने का फैसला किया गया था.
सुरक्षा से जुड़े एक उच्चाधिकारी ने बताया कि कश्मीर में हुई हिंसा और सीमा पार से घुसपैठ ही सिर्फ चिंता की बात नहीं है बल्कि कुछ बातचीत इंटरसेप्ट की गई है जिसमें इस समारोह के दौरान ड्रोन से सुरक्षा भेदने की योजना बनाई जा रही है. वबीं आईएसआईएस का भी एक खतरा बढ़ गया है.
खूफिया विभाग ने एसपीजी और एंटी टेरर यूनिट को इस तरह के खतरे को लेकर अगाह किया है साथ ही लोन वोल्फ अटैक (एक तरह का आत्मघाती हमला) की भी आशंका जताई गई है.



सोर्स:प्रदेश 18 
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