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Know about some special facts about  israel

Israel army

अमेरिका, रूस और चीन बेशक दुनिया की बड़ी महाशक्तियां हों लेकिन इजरायल से पंगा लेने की जुर्रत ये देश भी नहीं कर पाते। इजरायल ही वो देश है जिससे आईएस जैसा दुर्दांत आतंकी संगठन भी थर्राता है। इजरायल से दुश्मनी को मौत के बराबर माना जाता है। इजरायल की ताकत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जून 1967 में जब जार्डन, सीरिया और इराक सहित आधा दर्जन मुस्लिम देशों ने एकसाथ इजरायल पर हमला किया तो उसने पलटवार करते ही मात्र छह दिनों में इन सभी को धूल चटा दी थी। उस हार को अरब देश आज तक नहीं भूले हैं। इतिहास में इस घटना को Six Day War के नाम से जाना जाता है। आइए उसी इजरायल की कुछ खूबियों से हम आपको भी रूबरू कराते हैं।


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द्वितीय विश्व युद्ध में यहूदियों के नरसंहार के बाद बचे खचे यहूदियों ने भागकर येरूशलम के आसपास पनाह ले ली ‌थी। अरब के मुस्लिमों ने इसका विरोध किया, जिसके बाद यहूदियों और अरबियों का युद्ध शुरू हो गया। इसी झगड़े के बीच संयुक्‍त राष्ट्र ने 29 नवंबर 1947 को फलस्तीन के तीन हिस्से कर इजरायल और फलस्तीन के रूप में दो राष्ट्रों को मान्यता दी, जबकि येरूशलम को अलग राज्य बनाने की बात की (इसे सर्पस स्पेक्ट्रुम कहा गया)। हालांकि बाद में इजरायल ने येरूशलम को भी अपने देश में मिला लिया।


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इसके साथ ही अरब और इजरायल की दुश्मनी शुरू हो गई,‌ जिसमें एक तरफ इजरायल अकेला था तो दूसरी तरफ इराक, लेबनान, सीरिया, मिश्र लीबिया, यमन, सऊदी अरब और अन्य मुस्लिम देश थे। इस लड़ाई में इजरायल को सिर्फ अमेरिका का साथ मिला। मुस्लिम देशों ने कई बार अलग अलग इजरायल पर हमला किया लेकिन हर बार उन्हें मुंह की खानी पड़ी। ऐसा ही एक हमला जून 1967 में हुआ जिसे सिक्स डेज वार कहा गया। इस युद्ध में इजरायल ने एकसाथ मिश्र, जार्डन, सीरिया, इराक और सऊदी अरब को मात्र छह दिन में पराजित कर अपनी संप्रभुता कायम की।


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पिछले 67 सालों में इजरायल ने सात से ज्यादा युद्ध लड़े जिनमें हर बार उसने ही जीत हासिल की। ज्यादातर बार दूसरे देशों ने ही उस पर हमला किया, जिसमें उन्हें मुंह की खानी पड़ी। छह अक्टूबर 1973 को एक ऐसे ही हमले में सीरिया और मिश्र ने इजरायल पर अचानक उस समय हमला बोल दिया जब इस देश के लोग योम नामक त्यौहार मना रहे थे। इजरायल ने तुरंत इस हमले का जवाब दिया, जिसके बदले में मिश्र और सीरिया को बड़ा भारी नुकसान उठाना पड़ा।


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साल 1972 में म्युनिख में हुए ओलंपिक में फलस्तीन के आतंकी संगठन ने स्टेडियम के बीच में इजरायल के 12 खिलाड़ियों पर हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया था। खेल जगत में इसे सबसे हृदयविदारक घटना माना जाता है। लेकिन इसका बदला भी इजरायल ने इसी रूप में लिया। उस समय इजरायल की प्रधानमंत्री रही गोल्डा मेयर एक एक कर सभी खिलाड़ियों के घर गई और उनके परिजनों से वादा किया कि इस वारदात में जो भी व्यक्ति शामिल रहा है उनमें से किसी को भी छोड़ा नहीं जाएगा।


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इस घटना का बदला लेने का जिम्मा आया इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद पर आया। मोसाद के सदस्यों ने दुनिया के कोने कोने से उन आतंकियों को ढूंढकर दर्दनाक तरीके से मौत के घाट उतारा था। मोसाद का यह आपरेशन अंतिम दोषी के मारे जाने तक यानि लगभग तीन दशक तक चला।


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ऐसी ही एक घटना 27 जून 1976 को हुई जब तेल अवीव से पेरिस जा रहे इजरायल के एक हवाई जहाज का फलस्तीनी आतंकी संगठन पीएफएफएलएफ के सदस्यों ने अपहरण कर लिया और उसे युगांडा ले गए। युगांडा के तानाशाह ईदी अमीन ने आतंकियों को अपने देश में उतरने की इजाजत दे दी थी। अपहरणकर्ताओं ने बंधक बनाए गए लोगों को छोड़ने के बदले में फलस्तीनी आतंकियों की रिहाई की मांग रखी। लेकिन इजरायल की सरकार ने इसके बदले में कमांडों कार्रवाई का विकल्प चुना। जिसके बाद दुनिया के सबसे खतरनाक मिशन को अंजाम दिया गया। जिसमें इजरायली कमांडोज और मोसाद के सदस्यों ने युगांडा जैसे देश में जाकर सभी अपहरकर्ताओं को मार गिराया और सभी बंधकों को सुरक्षित रिहा करवा लिया।


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मार्च 1978 में लेबनान के आतंकी संगठन पीएलओ के आतंकियों ने 35 इजरायली नागरिकों की हत्या कर दी। इसका बदला लेने के लिए इजरायल ने लेबनान पर हमला कर दिया। जिसके बाद जान बचाने के लिए पीएलओ के आतंकी देश छोड़ भाग खड़े हुए जबकि लेबनान की सरकार को भी इजरायल के सामने गिड़गिड़ाना पड़ा। 

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जून 1981 में भी इजरायल ने एक ऐसी ही घटना को अंजाम दिया जिसे देखकर पूरी दुनिया हैरत में पड़ गई। असल में इजरायल को भनक लग गई थी कि इराक में तानाशाह सद्दाम हुसैन परमाणु हथियारों की खेप तैयार करवा रहा है। इजरायल ने इसकी जानकारी संयुक्‍त राष्ट्र और अमेरिका को दी। इराक पर दबाव पड़ा तो उसने ऐसी किसी प्लानिंग से साफ इंकार कर दिया। लेकिन इजरायल को पक्का विश्वास था कि सद्दाम अपने देश में परमाणु कार्यक्रमों को बढ़ावा दे रहा है। इजरायल ने इसके खात्मे के लिए एक खतरनाक मिशन को अंजाम दिया। जिसके बाद इजरायली सैनिकों ने इराक में घुसकर 8 जून 1981 को सोले परमाणु संयत्र को तबाह कर दिया।


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इजरायल को यहूदियों का देश कहा जाता है जिसकी 80 फीसदी से ज्यादा आबादी यहूदियों की है। इजरायल को दुनियाभर में यहूदियों के अधिकारों का रक्षक भी कहा जाता है, इसीलिए इजरायल सरकार ने व्यवस्‍था कर रखी है कि दुनिया में कहीं भी कोई यहूदी पैदा होता है तो उसे जन्म के साथ ही इजरायल की नागरिकता मिल जाती है।

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इजरायल दुनिया का अकेला ऐसा देश है जो पूरी तरह एंटी बैलेस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम से लैस है। इसका मतलब ये है कि इजरायल पर कोई देश मिसाइल से हमला नहीं कर सकता, ऐसा करने वाली मिसाइल को इजरायल वापिस उसी देश की ओर मोड़ देता है। इजरायल दुनिया के उन चुनिंदा देशों में है जिसका अपना सेटेलाइट सिस्टम है और वो किसी से इसका साझा नहीं करता।


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इजरायल दुनिया का इकलौता ऐसा देश है जहां प्रत्येक नागरिक को सेना में शामिल होना जरूरी है। लड़कों के लिए इसकी न्यूनतम अवधि तीन साल जबकि लड़कियों के लिए यह दो साल है। इजरायल दुनियाभर के देशों को हथियारों की सप्लाई करता है। सबसे उन्नत किस्म के हथियारों का निर्माण इजरायल में ही होता है।



सोर्स:अमरउजाला
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ब्रिटेन के मैनचेस्टर में धमाका: 22 की मौत, IS ने ली हमले की जिम्मेदारी





मैनचेस्टर में गायिका अरियाना ग्रांदे के लाईव कॉन्सर्ट के दौरान हुए आत्मघाती हमले में शामिल एक संदिग्ध आतंकी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वहीं हमले की जिम्मेदारी आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट ने ली है। आईएस ने दावा किया है कि यह हमला उन्होंने ही किया है।


ब्रिटेन की ग्रेट मैनचेस्टर पुलिस ने ट्वीटर पर बताया कि 'बीती रात हुए मैनचेस्टर ऐरना आतंकी हमले के सिलसिले में पुलिस ने साउथ मैनचेस्टर से 23 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है।' बता दें कि वर्ल्ड फेमस गायिका अरियाना ग्रांदे के बीती रात हुए करीब 22 लोगों की मौत हो गई। वहीं 50 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। भारतीय समयानुसार करीब तीन बजे यह हमला हुआ।


भारत ने सीमा पार उड़ाई पाक की कई चौकियां, PAK सेना बोली- दावा झूठा





भारतीय सेना ने पाकिस्तान के आतंकवादियों को समर्थन देने और दो सैनिकों की बर्बरतापूर्वक हत्या का बदला ले लिया है। सेना ने कश्मीर के नौशेरा सेक्टर में पाकिस्तानी सेना की एक चौकी को तबाह कर दिया है। सेना ने इस कार्रवाई का वीडियो भी जारी किया है।


ये वीडियो 24 सेकेंड का है। वीडियो में दिखाया गया है कि इतने कम समय में भारतीय सेना ने पाकिस्तान की 10 चौकियों को तबाह कर दिया गया था। हालांकि भारतीय सेना के इस दावे पर पाक सेना ने सवाल खड़ा कर दिया है। पाक आर्मी ने बयान जारी कर भारतीय सेना के इस दावे को गलत बताया है।


 स्पाइसजेट का ऐसा ऑफर फिर कभी नहीं, मात्र 12 रुपये में कीजिए हवाई सफर





स्पाइसजेट ने अपनी 12वीं सालगिरह के मौके पर यात्रियों के लिए ऐसा ऑफर पेश किया है, जिस पर एक बार में यकीन करना शायद मुश्किल हो, लेकिन यह सच है। कंपनी ने महज 12 रुपये में हवाई टिकट देने की घोषणा की है। हालांकि 12 रुपये के बेस फेयर में टैक्स और अन्य सरचार्ज शामिल नहीं हैं।


यह ऑफर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की यात्रा के लिए वैध है। टिकट की बिक्री मंगलवार, 23 मई से शुरू होकर 28 मई तक चलेगी। यह रियायती दर 26 जून, 2017 से 24 मार्च 2018 के बीच यात्रा के लिए वैध होगी।



जीप के बोनट पर कश्मीरी युवक को बांधने वाले मेजर गोगोई ने तोड़ी चुप्पी, बताई पूरी घटना





घाटी में पत्थरबाजों से निपटने के लिए एक स्थानीय कश्मीरी युवक को आर्मी की जीप से बांधकर मानव ढाल की तरह इस्तेमाल करने वाले राष्ट्रीय राइफल्स के मेजर नितिन लीतुल गोगोई ने घटना पर चुप्पी तोड़ी है। गोगोई ने मंगलवार को मीडिया के सामने आकर पूरी घटना की जानकारी दी।


साथ ही कहा कि उनका यह कदम स्थानीय लोगों की जान बचाने के लिए उठाया गया था। अगर बेहद हिंसक हो चुकी भीड़ पर वे फायरिंग करवाते तो कम से कम 12 लोगों की जान चली जाती। बता दें कि गोगोई वही अफसर हैं, जिन्हें हाल ही में सेना प्रमुख ने आतंकवाद निरोधी कार्रवाई के लिए सम्मानित किया है।


22 साल बाद MLA मर्डर केस में फैसला, RJD के पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह को उम्रकैद





झारखंड के हजारीबाग कोर्ट ने आरजेडी के पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह को विधायक की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने उन्हें मशरक विधायक अशोक सिंह की हत्या का दोषी पाया था। प्रभुनाथ ने करीब 22 साल पहले इस वारदात को अंजाम दिया था।


सीवान जिले के महाराजगंज सीट के पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह के राजनीतिक करियर की शुरुआत जनता दल से हुई थी। इसके बाद वे जनता दल यूनाइटेड के साथ जुड़ गए और लगातार महाराजगंज की राजनीति में सक्रिय रहे।


ऐसा माना जाता है कि सीवान की राजनीति में सक्रिय होने के बाद उनका पूर्व दबंग सांसद शहाबुद्दीन से छत्तीस का आकंड़ा रहा करता था। इतना ही नहीं दोनों की अक्सर झड़पें भी हो जाती थी।

 


IT रेड के बाद लालू परिवार पर ED का शिकंजा, मीसा भारती का चार्टर्ड अकाउंटेंट गिरफ्तार





ईडी ने लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा भारती के चार्टर्ड अकाउंटेंट राजेश अग्रवाल को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। अग्रवाल को मनी ट्रेल स्कैम के मामले में गिरफ्तार किया गया है। ईडे उन्हें दिल्ली कोर्ट के सामने पेश करेगी।


गौरतलब है कि आयकर विभाग द्वारा काले धन के खिलाफ छेड़ी गई मुहिम के तहत बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव से जुड़े 20 से अधिक ठिकानों पर कुछ दिन पहले विभाग ने छापे मारे थे। बताया गया था कि ये छापे दिल्ली, गुरुग्राम आदि में मारे गए।


पेटीएम (Paytm) का पेमेंट बैंक लॉन्च, डिपॉजिट पर 4 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा





पेटीएम (Paytm) ने मंगलवार को अपना पेमेंट बैंक लॉन्च कर दिया. पेटीएम देश की सबसे बड़ा ई वॉलेट प्रदाता कंपनी है. इस बैंक में जमा रकम पर दिए जाने वाले ब्याज के बारे में बताते हुए पेटीएम की ओर से कहा गया कि इस पर 4 फीसदी की दर से सालाना ब्याज मिलेगा.


साथ ही न्यूनतम बैलेंस को लेकर कोई सीमा नहीं रखी गई है. इसका अर्थ हुआ कि यह जीरो भी हो तो कोई पेनल्टी या चार्ज नहीं लगाया जाएगा.

 


अब अमेरिका की खैरात पर नहीं पल सकेगा पाक, ट्रंप ने मदद को कर्ज के रूप में बदला





अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के वार्षिक बजट में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। ट्रंप ने अमेरिका की तरफ से पाकिस्तान सहित अन्य देशों को दी जाने वाली अनुदान सहायता को कर्ज में तब्दील करने का फैसला किया है।


व्हाइट हाउस ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि ट्रंप ने कांग्रेस के सामने इस प्रस्ताव को भेजा है। मगर इसका फैसला ट्रंप प्रशासन ने विदेश मंत्रालय पर छोड़ दिया है, विदेश मंत्रायल तय करे कि इस फैसले को लागू करना है या नहीं।


पू्र्व पीएम नरसिम्हा राव के आध्यात्मिक गुरु रहे तांत्रिक चंद्रास्वामी का निधन





90 के दशक में तत्कालीन प्रधानमंत्री पी वी नरसिम्हा राव के साथ करीबियों के चलते चर्चा में रहने तांत्रिक चंद्रास्वामी का निधन हो गया है. वे पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे. उनके भक्तों में देश-विदेश के अनेक राजनेता, फिल्म और उद्योगजगत की हस्तियां शामिल थीं.


1948 में जन्‍मे चंद्रास्‍वामी का असली नाम नेमिचंद था. जैन समुदाय से ताल्‍लुक रखने वाले नेमिचंद बचपन में ही पिता के साथ हैदराबाद चले गए. वे इंदिरा गांधी के जमाने से ही दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में अपनी पैठ जमाने में कामयाब रहे. उनके दिल्ली आश्रम की जमीन भी इंदिरा गांधी ने ही दान की थी.
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Pakistani man, 50, is addicted to eating TREES FOR 25 YEARS

 Pakistani man, 50, is addicted to eating TREES FOR 25 YEARS


पाकिस्तान में एक व्यक्ति 25 साल से पत्ते और लकड़ियां खाकर जिंदा है। खास बात ये है कि अपनी इस आदत की वजह से वह कभी बीमार भी नहीं पड़ा। 


पंजाब प्रांत के गुजरांवाला जिले के रहने वाले 50 वर्षीय महमूद बट्ट ने बेरोजगारी की वजह से खाना नहीं जुटा पाने के कारण 25 वर्ष की उम्र से पत्तियां खाना शुरू किया था।


गरीबी ने बना दिया ऐसा

Pakistani man, 50, is addicted to eating TREES FOR 25 YEARS 

बट्ट ने बताया कि उसका परिवार बहुत गरीब था। बट्ट ने कहा, मैंने तय किया कि गलियों में भीख मांगने से अच्छा है कि लकड़ियां और पत्ते खाऊं। पत्ते और लकड़ियां खाना अब मेरी आदत बन गई है।


बरगद के पत्तों को चाव से खाते हैं

Pakistani man, 50, is addicted to eating TREES FOR 25 YEARS 

बट्ट ने बताया कि उन्हें बरगद के पेड़ के पत्ते खाना बहुत पसंद है। कुछ वर्षों के बाद जब बट्ट को काम मिला और वह भोजन जुटाने लायक हो गए तब भी उनसे ये आदत नहीं छूटी।


गधा गाड़ी ढोकर चलाते हैं घर

Pakistani man, 50, is addicted to eating TREES FOR 25 YEARS 


बट्ट आज अपनी गधा गाड़ी पर सामान ढोकर रोजाना 600 रुपये कमा लेते हैं। बट्ट के पड़ोसी गुलाम मोहम्मद ने कहा कि बट्ट कभी डॉक्टर के पास नहीं गया है। खाने की इस आदत की वजह बट्ट अपने इलाके में बहुत चर्चित है। उसके पड़ोसी ने बताया कि अक्सर रास्ते में अपनी गधा गाड़ी रोक कर बट्ट को पेड़ों से ताजा पत्ते तोड़ कर खाते हुए देखा जा सकता है। 



सोर्स:फिरकी.इन
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Real Truth how that day titanic sank

 Real Truth how that day titanic sank
  
RMS टाइटेनिक साल 1912 में काफी जद्दोजहद के बाद समंदर में समा गया था. डूबने से पहले वो एक बर्फ की चट्टान से टकरा गया था और उसके बाद संभलने का कोई मौका नहीं रहा


कैसे बना दुनिया का सबसे बड़ा जहाज़?

 जब समंदर से हार मान गया टाइटेनिक




> जहाज़ की लंबाई 291.5 मीटर थी, जो उस दौर का सबसे बड़ा शिप था



> इसमें एक दिन में करीब 825 टन कोयला इस्तेमाल होता था और वो 100 टन राख हर रोज़ निकालता था



> उस वक्‍़त टाइटेनिक को बनाने में करीब 75,00,000 डॉलर का खर्च आया था


टाइटेनिक का खान-पान?

टाइटेनिक का खान-पान? - Food served in Titanic


> हर रोज़ 14,000 गैलन पीने का पानी जहाज़ पर इस्तेमाल होता था


> 40,000 अंडे रोज़ खर्च होते थे


> 1500 गैलन दूध लग जाता था


> 20,000 बीयर और 1,500 वाइन बॉटल ऑन-बोर्ड थीं


> अन्य चीज़ों के अलावा 8,000 सिगार भी इस्तेमाल होते थे



कयामत की वो रात...

कयामत की वो रात... - Horrifying Destructive Night for Titanic 


> 16 लाइफ बोट इस्तेमाल करने में करीब 80 मिनट लग गए. पहली लाइफ बोट में सिर्फ 28 लोग बैठे, क्योंकि बाकी लोगों को लगा ही नहीं कि जहाज़ डूब सकता है



> लाइफ बोट में 472 से ज्‍़यादा लोग आ सकते थे



बचने वाले?

बचने वाले? - survivals of titanic 



> दो कुत्तों के अलावा 706 मुसाफिरों को बचाया जा सके



> 1500 से ज्‍़यादा लोग मारे गए



बर्फ की चट्टान की कहानी?



बर्फ की चट्टान की कहानी? - How Titanic struck an iceberg

> टाइटेनिक को उस चट्टान से टकराने से पहले छह चेतावनी मिली थीं



> टाइटेनिक जब डूबा, तो वो अपने सफर के चौथे दिन में था. ज़मीन से करीब 640 ‌किलोमीटर दूर



> बर्फ की चट्टान दिखने और जहाज़ के उससे टकराने के बीच सिर्फ 30 सेकेंड का फासला था



> जहाज़ को डूबने में 2 घंटे और 40 मिनट लगे





सोर्स:न्यूज़ फ़्लिक्स
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अपने 20 साल से 45 साल के युवाओं को चीन में कम्युनिस्ट सरकार ने एक बेहद अजीब ऑफर दिया है। इस ऑफर में युवाओं को एक रोज़ गोल्ड आईफोन दिया जा रहा है। इस ऑफर को लेकर चीन सरकार ने कहा है कि ‘जो युवक अपना स्पर्म डोनेट करेंगे उन्हें यह आई फोन फ्री दिया जायेगा।’ चीन सरकार ने युवाओँ से बड़ी ही मार्मिक अपील की है। सरकार ने कहा है कि अपने देश की खातिर कृपया अपना स्पर्म डोनेट कीजिए।


अपने इस काम के लिए चीन की सरकार ने सोशल साइट्स का सहारा भी लिया है चीन सरकार ने सोशल मीडिया पर कुछ गेम भी अपलोड किये गये हैं। इन सभी गेम्स के बाद सरकार की तरफ से एक हजार अमेरिकी डॉलर या एक रोज़ गोल्ड आईफोन का ऑफर दिया गया है। दरअसल, चीन हर साल बूढ़ा होता जा रहा है, और काम करने वालो की संख्या लगातार घटती जा रही है। यहाँ की सरकार ने कहा है कि कुछ राजनीतिक और सांस्कृतिक कारणों से चीन के स्पर्म बैंक में स्वेच्छा से स्पर्म डोनेट करने वालों की कमी आ गयी है।



चीन में यह धारणा आम है कि किसी अंजान के स्पर्म से प्रेग्नेंट होने वाली महिला कंफ्युशियस के सिद्धांतो की अवहेलना करेगी। चीन में कंफ्युशियस को ईश्वर के तुल्य संज्ञा दी गयी है। इसी तरह चीनी युवक भी अपना स्पर्म डोनेट करने को नैतिक मूल्यों के विपरीत मानते हैं।चीन सरकार की योजना यह है कि वो गंभीर संकट की दशा में आने से पहले अपने देश को युवा रखने के लिए आर्टिफीशियल इनसेमिनेशन अडॉप्ट करेगा।


सोर्स:24हिन्दीन्यूज़
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टीवी पर आने वाले कार्यक्रमों में आपने कुछ ऐसे कई नजारे देखें होंगे जो काफी रोमांचक और अद्भुत होते है। 


इन कार्यक्रमों के कलाकार अपनी प्रतिभा से लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लेते है, पर क्या आपने ऐसी लड़की के बारे में जाना है जिसका शरीर पूरा रबड़ के समान हो, इतना ही नहीं यह लड़की अपने शरीर को हर तरह से मोड़ने में भी सक्षम है। 



इसकी ऐसी हरकतों को देखकर लोग दांतों तले अंगुलियां दबा लेते हैं। आज हम बता रहें है 22 साल की ऐसी ही अजीबों गरीब लड़की के बारे में जिसके शरीर को देखकर आप भी रह जाएंगे दंग..



ओडका नाम की यह लड़की छोटी सी उम्र से अपने शरीर के लचीलेपन के कारण जानी जाती है। 22 साल की हो चुकी हो इस लड़की का शरीर इतना लचीला है कि वो अपने पूरे शरीर को एक बोतल के अंदर बड़ी ही आसानी बंद कर लेती है।



मंगोलिया की राजधानी उलानबातार में रहने वाली ओडका एक सर्कस की कलाकार है। इसने अपनी चाची के लचीले शरीर से प्ररित होकर अपने शरीर को भी उन्हीं की तरह से बनाने की कोशिश की। 



इस कोशिश में एक दशक तक कड़ी मेहनत के बाद आखिरकार उन्होंने इसमें सफलता हासिल कर ही ली। 11 साल की उम्र में ही उन्होंने इसकी प्रैक्टिस करना शुरू कर दी थी और आज 22 साल की उम्र में पहुंचकर इस लड़की ने अपने शरीर को इस तरह से बना लिया है कि वह अपनी मांसपेशियों को पूरी तरह से मोड़कर या खींच कर मनमुताबिक आकार कर देती है।


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वह मात्र बोतल के अंदर जानें की ही कारामात नहीं दिखाती, बल्कि पैरों को मोड़कर तीरअंदाजी भी कर लेती है। पूरे एक्ट के दौरान उसके चेहरे पर हमेशा सुंदर मुस्कान ही नजर आती है।




सोर्स:वाह गज़ब 
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सांप दुनिया के सबसे खतरनाक जीवों में से एक है. लेकिन इंडोनेशिया की ये तस्वीरें आपको अहसास कराएंगी कि इंसान उससे कहीं ज्यादा खतरनाक है. यहां सांपों का चमड़ा तैयार होता है. और बैग, जैकेट और जूते के लिए दी जाती है सांपों की बलि(तस्वीरें विचलित कर सकती हैं) 



फैक्ट्रियां 

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इंडोनेशिया में कई ऐसी फैक्ट्रियां हैं जहां सांपों का चमड़ा तैयार होता है जबकि कई लोग अपने घरों में भी यह काम करते हैं.




ग्लैमरस 

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पश्चिमी देशों में इस चमड़े से बने बैग, जैकेट और जूते लोग बड़े शौक से पहनते हैं और इन्हें काफी ग्लैमरस माना जाता है.




ऐसे होता है काम 

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जिन फैक्ट्रियों में यह चमड़ा तैयार होता है, वहां का नजारा बिल्कुल ग्लैमरस नहीं कहा जा सकता है.




सबसे बड़ा निर्यातक 

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इंडोनेशिया सांप के चमड़े का दुनिया में सबसे बड़ा निर्यातक है. उसका कहना है कि सांपों को मानवीय तरीके से ब्रीड किया जा रहा है, लेकिन हकीकत कुछ और है.





भारी मांग 

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सांप के चमड़े की मांग को देखते हुए इंडोनेशिया में बड़े पैमाने पर उनका शिकार होता है.




सांपों की बलि 

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यहां हर हफ्ते हजारों की संख्या में सांप मारे जाते है ताकि उनसे चमड़ा तैयार किया जा सके.




तरीका 

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सांपों पहले मार कर पानी मे भिगोया जाता है और फिर उनका चमड़ा निकाल कर धूप में सुखाया जाता है. कई बार उन्हें बड़े ओवन में भी रख कर सुखाया जाता है




बेबस सांप 

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सांपों को मार कर उनका चमड़ा उतारा जाता है जिसमें फिर एक लोहे की एक रोड डाली जाती है, ताकि उनकी त्वचा को ठीक से फैलाया जा सके.




मांग 

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इस तरह सांपों का चमड़ा तैयार किए जाने से पता चलता है कि इसकी कितनी मांग है.




महंगा दाम 

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इस चमड़े से बनी चीजें पश्चिमी देशों में ऊंचे दामों पर बिकती हैं. लेकिन इसे बनाने वालों की हालत ज्यादा अच्छी नहीं कही जा सकती.




सांपों का कारोबार 


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इस चमड़े से बनी चीजें पश्चिम देशों में चार हजार डॉलर तक की कीमत में बिकती हैं. लेकिन इसे जिस तरह तैयार किया जा रहा है, वो जरूर सोचने को मजबूर करता है. 




सोर्स:DW.com

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भारत की अमेरिका और जापान से बढ़ती दोस्ती, दक्षिण चीन सागर विवाद और वन चाइना पॉलिसी पर अमेरिका से बढ़ती तनातनी ने चीन की चिंता बढ़ा दी है... 


बौखलाया चीन दुनिया के सामने अपनी सैन्य शक्ति दिखाकर अपना वर्चस्व साबित करने की कोशिश कर रहा है... 


इसी कड़ी में उसने पहले दस न्यूक्लियर वारहेड को लेकर जाने वाली इंटरकांटिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल का परिक्षण किया और अब मध्यम दूरी की मारक क्षमता वाली बैलिस्टिक मिसाइल के साथ सबसे बड़ी मिलिट्री ड्रिल कर रहा है... 


चीन ने इन मिसाइल टेस्ट के साथ अपने नई सैन्य बल रॉकेट फोर्स को अत्याधुनिक बना लिया है... जो भारत, जापान और अमेरिका समेत दुनिया के कई देशों के लिए खतरा साबित हो सकता है...


चीन ने मिलिट्री ड्रिल का वीडियो किया जारी- 

चीन के सरकारी अखबार चाइना डेली में सोमवार को यह खबर छापी है साथ ही वेबसाइट पर एक वीडियो भी अपलोड किया गया है... 


खबर के मुताबिक इस युद्धाभ्यास में दो तरह के DF-16 बैलिस्टिक मिसाइल को दिखाया गया है... 


ऐसा तीसरी बार है जब सार्वजनिक तौर पर इस तरह DF-16 को दिखाया जा रहा है... 


सबसे पहले इस मिसाइल को सितंबर 2015 में दुनिया के सामने बीजिंग में हुई मिलिट्री परेड में दिखाया गया था... 


वैसे चीन की सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी PLA जो अपने हथियारों से संबंधित सूचनाओं को काफी गोपनीय रखता है... 


उसने दुनिया को अपनी ताकत दिखाने के लिए बैलिस्टिक मिसाइल से किए जा रहे सेना के युद्धाभ्यास का वीडियो जारी किया है...



ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद से चीन दिखा रहा है आक्रामक तेवर- 

डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद से ही चीन लगातार ताइवान को लेकर आक्रामकता दिखा रहा है... 


ताइवान के राष्ट्रपति के साथ ट्रंप की बातचीत के बाद से चीन लगातार यह रुख अपना रहा है... 


ट्रंप की इस बातचीत पर आपत्ति जताते हुए चीन ने अपने फर्स्ट एयरक्राफ्ट कैरियर को ताइवान जलडमरूमध्य भेजा था...

 साथ ही अपना एयरक्राफ्ट प्रशांत महासागर में स्थित फर्स्ट आइलैंड चेन में भी भेजा... 

इसके अलावा, चीन ने विवादित दक्षिणी चीन सागर क्षेत्र में भी नौसेना अभ्यास किया... 

चीन ने रूस के साथ सटी अपनी सीमा के पास एक लंबी दूरी के मिसाइल को भी तैनात किया है... 

रूस की मीडिया का कहना है कि इस मिसाइल का निशाना अमेरिका की ओर है...




चीन के पास मौजूद हैं दुनिया को तबाह करने वाली घातक मिसाइल



डीएफ (डोंगफेंग)-41: रेंज 15000 किमी- ये चीन की इंटरकॉन्टिनेन्टल बैलिस्टिक मिसाइल है। ये 12000 से 15000 किमी की रेंज में जबरदस्त हमला करती है। ये दुनिया की पहली मिसाइल है, जो सबसे दूर तक मार करने वाली है। इसकी स्पीड 30 हजार किमी प्रतिघंटा है और इसका वजन 80 हजार किग्रा है।


डीएफ-5: चीन की ये इंटरकॉन्टिनेन्टल बैलिस्टिक मिसाइल भी 12000 से 15000 किमी की रेंज में हमला करती है। इसकी स्पीड 26950 km/h है। इसका वजन 1.83 लाख किग्रा है।


डीएफ-5B: द्रवीय ईंधन से चालित यह अंतरमहाद्वीपीय बैलेस्टिक मिसाइल तीन से अधिक परमाणु हथियार लेकर 15000 किमी दूर तक मार कर सकता है।


डीएफ-31: चीन की ये इंटरकॉन्टिनेन्टल बैलिस्टिक मिसाइल भी 8000 से 11200 किमी की रेंज में हमला करती है। इसका वजन 42000 किग्रा है। एेसा माना जाता है कि इस मिसाइल में कई एडवांस टेक्नोलॉजी हैं।


डीएफ-JL2: ये चीन की सबमरीन से लॉन्च होने वाली बैलिस्टिक मिसाइल है। ये 7200 किमी की रेंज में सबकुछ तबाह कर देती है। इसका वजन 42 हजार किग्रा है। इसे चीन के सबसे घातक हथियारों में शामिल किया जाता है।


डीएफ-4: ये भी चीन की इंटरकॉन्टिनेन्टल बैलिस्टिक मिसाइल है। ये 5500 की रेंज में मार करती है। इसका वजन 82000 किग्रा है। इसमें 2190 किग्रा के न्यूक्लियर हथियार होते हैं।


डीएफ-26: चार हजार किलोमीटर दूर तक हमला करनेवाले इस मिसाइल को ‘गुआम किलर’ की संज्ञा दी जाती है क्योंकि गुआम में स्थित अमेरिकी नौसैनिक बेड़ा इसके दायरे में है।


डीएफ-21C:ये चीन की मीडियम रेंज बैलिस्टक मिसाइल है। ये 1750 किमी से ज्यादा की रेंज में मार करती है। इसका वजन 14700 किग्रा है। चीन ने इस मिसाइल को 1991 से सेना में शामिल किया था।


डीएफ-21D: युद्धपोतों को नष्ट करने की क्षमता रखनेवाला यह बैलेस्टिक मिसाइल 1,450 किलोमीटर दूर तक जा सकता है।


डीएफ-10: ये चीन की जमीन से मार करने वाली क्रूज मिसाइल है। ये 3000 किमी की रेंज में मार करती है। जब ये मिसाइल आई थी, तब अमेरिका की चिन्ता बढ़ गई थी। उसने इसे लेकर सीक्रेट रिपोर्ट भी तैयार की थी।


डीएफ-3: ये चीन की इंटरमिजिएट रेंज बैलिस्टक मिसाइल है। ये 3000 किमी से ज्यादा की रेंज में मार करती है। इन मिसाइलों को चीन ने सऊदी अरब को भी बेचा है।


डीएफ-11a: ये चीन की शॉर्ट रेंज बैलिस्टक मिसाइल है। ये 300 किमी की रेंज में मार करती है। इसका वजन 4200 किग्रा है।


डीएफ-15: ये चीन की शॉर्ट रेंज बैलिस्टक मिसाइल है। ये 600 किमी की रेंज में मार करती है। इसका वजन 6200 किग्रा है। इसे 8 व्हील ट्रांसपोर्टर इरेक्टर लॉन्चर से दागा जाता है।


डीएफ-16: ये चीन की मीडियम रेंज बैलिस्टक मिसाइल है।  डीएफ-16 1000 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तक के लक्ष्य को भेद सकती है। इस मिसाइल की जद में चीन के दिआओयू द्वीप समूह से करीब 400 किलोमीटर दूर जापान का ओकीनावा द्वीप भी आता है।



सोर्स:न्यूज़ 24 
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