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दिवाली के आते ही घर की साफ-सफाई  के साथ शॉपिंग की भी तैयारियां होने लगती हैं. इसके बाद बारी आती है अपनों को गिफ्ट्स देने की. किसके लिए क्या लेना है ये सोचने में भी बहुत दिमाग लगाना पड़ता है.
 
ऐसे में आप दूसरों की पसंद के अनुसार गिफ्ट ले लेते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ चीजे ऐसी भी होती हैं जो आपको भूल कर भी किसी को नहीं देनी चाहिए. कुछ ऐसी चीजें भी होती है, जिन्हें देना अपशगुन माना जाता है. जानें ऐसी चीजों के बारे में
 
  • ऐसा माना जाता है दिवाली पर गणेश और मां लक्ष्मी की मूर्ति अपने लिए तो जरूर लेनी चाहिए लेकिन इसे कभी भी किसी और को गिफ्ट में नहीं देनी चाहिए. इससे लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं. 
  • दिवाली के पांच दिनों के दौरान पांच धातु जैसे सोना, चांदी, कांसा, तांबा और पीतल किसी को भी गिफ्ट में नहीं देनी चाहिए. 
  • धनतेरस के दिन सिर्फ अपने लिए ही सामान खरीदें दूसरे के लिए ख़रीदारी न करें.
  • इसके अलावा तेल न खरीदें और न ही लकड़ी की कोई चीज खरीदें.
  • इन दिनों काले रंग का कोई भी सामान न अपने घर लाएं और न ही किसी और को गिफ्ट करें. काला रंग अफशगुन होने की निशानी मानी जाती है.
  • दिवाली पर आप खुद के लिए तो रेशमी कपड़े खरीद सकते हैं लेकिन किसी को रेशमी कपड़े गिफ्ट करना अपशगुन माना जाता है.
  • दिवाली के दिन स्टील या लोहे से बनी कोई भी चीज गिफ्ट न करें.





सोर्स:इन ख़बर
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आज छोटी दिवाली है. इसे नर्क चतुर्दशी के नाम से भी जाना जाता है. नरक चतुर्दशी आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाने वाला त्यौहार है. इस दिन को बड़ी दिवाली के मुकाबले छोटे स्तर पर मनाया जाता है और कुछ दिए और पटाखे जलाए जाते हैं.  

 
छोटी दिवाली की सुबह यानि आज लोग अपने घर की साफ़ सफाई करते हैं और घर के मुख्य द्वार पर रंगोली बनाते हैं. रंगोली बनाने के लिए चावल के आटे के पेस्ट और लाल रंग के सिन्दूर के साथ पूरे घर में छोटे छोटे पैर बनाये जाते हैं. मान्यता है कि ये मां लक्ष्मी के पैर हैं और इसके द्वारा उन्हें घर में आने का रास्ता दिखाया जाता है.
 
 
सजाएं पूरा घर

धनतेरस के बाद और बड़ी दिवाली से एक दिन पहले मनाई जाने वाली छोटी दिवाली के दिन लोग सुबह उठकर पूरे घर की साफ़ सफाई करते हैं. उसके बाद पूरे घर को फूलों से सजाकर, घर के मुख्य द्वार पर रंगोली बनाई जाती है. शाम के समय भगवान् राम एवं लक्ष्मी जी की पूजा करने के साथ ही साथ भजन भी गाये जाते हैं. 
 
 
देवी लक्ष्मी के पूजन के बाद घर के सभी दिशाओं में दिए जलाये जाते हैं. इसमें से एक दिया तुलसी के पौधे के पास रखा जाता है, दूसरा मुख्य द्वार के पास, एक पानी के स्रोत के पास जो कि घर में पानी की टंकी हो सकती है और एक मवेशियों के कमरे में रखा जाता है. इसके बाद घर के सभी छोटे बड़ों के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लेते हैं. 






सोर्स:इन ख़बर 

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देवी लक्ष्मी की पूजा में कमल फूल का बड़ा महत्व है। इसल‌िए दीपावली की रात धन की चाहत रखने वाले भक्त कमल फूलों से देवी लक्ष्मी की पूजा करते हैं। आइये जानें कमल फूल से देवी की पूजा करने के और क्या-क्या फायदे हैं।

laxmi pouja seven benefits of kamal 

पुराणों में देवी लक्ष्मी का एक नाम कमला और कमलासना है यानी कमल पर व‌िराजमान रहने वाली। कमल पुष्प की खूबी है क‌ि वह कीचड़ में उत्पन्न होकर भी कीचड़ में ल‌िप्त नहीं होता। देवी लक्ष्मी को कमल अर्प‌ित करने वाला मनुष्य भी संसार में फैली बुराईयों के बीच भी न‌िर्मल बुद्ध‌ि का बना रहता है।


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ज‌‌िसकी बुद्ध‌ि न‌िर्मल और शुद्ध रहती है देवी लक्ष्मी उसी पर कृपा करती है ऐसा व‌िष्‍णु पुराण में बताया गया है। यानी कमल पुष्प अर्प‌ित करने से बुद्ध‌ि भी न‌िर्मल रहती है और धन का लाभ भी म‌िलता है।

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कमल पुष्प में नकारात्मक शक्त‌ियों को दूर करने की ताकत होती है इसे देवी लक्ष्मी को अर्प‌ित करने से घर में बुरी शक्त‌ियों का प्रवेश नहीं होता है।


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देवी लक्ष्मी को कमल पुष्प अर्प‌ित करने से अनजाने में क‌िए पापों से मुक्त‌ि म‌िलती है।


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    भगवान व‌िष्‍णु के हाथों में शंख, चक्र, गदा और कमल पुष्प है जो देवी लक्ष्मी के साथ होने का प्रतीक है। देवी लक्ष्मी को चढ़ाए गए कमल पुष्प से भगवान व‌िष्‍णु अत‌ि प्रसन्न होते हैं। इसल‌िए देवराज इंद्र कमल पुष्प से देवी लक्ष्मी की न‌ित्य पूजा करते हैं।

     

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    कमल पुष्प से लक्ष्मी नारायण की न‌ित्य पूजा करने वाला सभी पापों से मुक्त होकर स्वर्ग में स्‍थान पाने का अध‌िकारी बन जाता है।


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    कमल पुष्प पर देवी का वास है इसल‌िए ज‌िन घरों में कमल पुष्प से पूजा होती है वहां देवी लक्ष्मी का न‌ित्‍य न‌‌िवास रहता है और घर में अन्‍न धन का भंडार बना रहता है।







       




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            दीपावली के द‌िन यूं तो लक्ष्मी गणेश की पूजा ही उन्हें प्रसन्न करने के ल‌िए काफी है लेक‌िन देवी लक्ष्मी की कृपा आप पर जल्दी हो इसके ल‌िए आपको दीपावली के द‌िन एक छोटा सा काम जरूर कर लेना चाह‌िए।

             goods thing to do for diwali

              दीपावली के द‌िन एक पीपल का पत्ता तोड़कर घर में ले आएं। ध्यान रखें पत्ता कटा फटा हुआ नहीं हो। इस पत्ते पर 'ओम महालक्ष्‍म्यै नमः' ल‌िखकर पूजन स्‍थान में रख दें। इसके बाद जब शन‌िवर आए तो पत्ते को पीपल की जड़ में रख दें और दूसरा पत्ता लाकर पूजा स्‍थान पर रख दें। यह प्रक्र‌िया हर शन‌िवार करने पर आप देखेंगे क‌ि आपके घर में धन का अगमन बढ़ रहा है।

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              दीपावली की रात लौंग और इलायची जलाकर उसका भष्म बना लें। इस भष्म से देवी-देवताओं को त‌िलक लगाएं। इस तांत्र‌िक प्रयोग से लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।

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                  दीपावली के द‌िन क‌िन्नर को म‌िठाइयां और कुछ पैसे दें। बदले में क‌िन्नर से एक रूपये का स‌िक्का मांग कर अपनी त‌िजोरी में रख लें। यह टोटका गरीबी दूर करने के ल‌िए बड़ा ही कारगर माना जाता है।


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                    इस वर्ष रव‌िवार के द‌िन दीपावली है इसल‌ि सफेद रंग की वस्तुओं का दान करें।


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                      बरगद के पत्ते पर हल्दी से स्वास्त‌िक बनाकर त‌िजोरी में रखें आपकी त‌िजोरी में धन बढ़ता जाएगा।


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                        दीपावली की रात अपने घर में श्रीयंत्र स्‍थाप‌ित करें। यह बड़ा ही शुभ होता है।



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                          दीपावली की रात कनकधारा स्तोत्र का पाठ भी धन वृद्ध‌ि में कारगर माना गया है।








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                          बाल गिरना हर किसी की समस्या बनाते जा रहे है।हर दूसरा इंसान इस समस्या से जूझ रहा है और बालों को गिरने से रोकने के लिए हर उपाय करता है। आज के समय में बालों की ग्रोथ रूकना, हेयर फॉल और डैंड्रफ आम प्रॉब्लम हो चुकी है। लोग इन्हें दूर करने के लिए कई तरह के प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं। 

                          हालांकि इन उपायों को करने में खर्चा भी काफी ज्यादा आता है। लेकिन अगर बालों के लिए रोजाना कुछ घरेलू उपाय किए जाएं तो ये प्रोब्लम सॉल्व हो सकती है। इन उपायों को करने में खर्च भी 5 रूपए से कम का आएगा। हम आपको बता रहे हैं ऐसे 15 घरेलू उपायों के बारे।जनिए हमारे उपाय।

                          1. 2 से 3 आलू को पीसकर रस को बाल और स्कप्ल पर लगएं। इसके 1 घंटे बाद बाल धो लें। इससे ड्रायनेस कम होगी और बाल हेल्दी बनेंगे।

                          2. 2 चम्मच प्याज के रस में एक चम्मच खट्टा दही और 1 चम्मच नींबू का रस मिलाकर उससें मसाज करें। इसके 30 मिनट बाद बाल धो लें। इससे बाल मजबूत और चमकदार होंगे।

                          3. एक चम्मच ऐलोवेरा जेल को रोज बालों और स्कल्प पर लगाएं। 1 घंटे बाद धो लें। इससे डैंड्रफ और बाल झडऩे की समस्या दूर होगी।

                          4. रोज 2 नींबू के रस से बालों और स्कल्प पर मसाज करें। इससें डैंड्रफ और बाल झडऩे की समस्या कंट्रोल होगी।

                          5. 2 चम्मच मेथी दानों को रात में भिगोकर रख दें। सुबह इन्हें पीसकर बालों पर लगाएं। इससे बाल काले, घने और मुलायम बनेंगे।

                          6. रोज 2 चम्मच गाजर का रस बालों और स्कल्प पर लगाएं। इससे बाल चमकदार होने समेत उनका झडऩा भी बंद होगा।

                          7. 2 चम्मच लहसुन का रस बालों की जड़ों पर लगाएं। इसके घंटे बाद धो लें। इससे डैंड्रफ और बाल झडऩे की समस्या से छुटकारा मिलेगा।

                          8. दो चम्मच प्याज के रस में 1 अंडे की सफेदी मिक्स कर स्कल्प पर मसाज करें। इसके एक घंटे बाद बाल धो लें। बालों झडऩा बंद होकर ग्रोथ उनकी ग्रोथ होगी।


                           9. 2 चम्मच खीरे का रस बालों और स्कल्प पर लगाएं। इससे बाल चमकदार होने समेत बढ़ेंगे भी।

                          10. रोज 2 चम्मच हरा धनिया का पेस्ट बालों की जड़ों पर लगाएं। इससे बाल लंबे, घने और काले होंगे।

                          11. एक चम्मच चुकन्दर और तेल के तेल को मिक्स कर स्कल्प पर लगाएं। इससे बाल काले, घने, मुलायम और चमकदार होंगे।

                          12. एक चम्मच कढ़ी पत्ते के रस में एक चम्मच दही मिक्स कर रोज बालों और स्कल्प पर लगाएं। इससे बाल काले, घरे और मजबूत होंगे।

                          13. एक-एक चम्मच आलू का रस, टमाटर और शहद को मिलाकर स्कल्प पर लगाकर मसाज करें। इससे बाल झडऩा और सफेद होना बंद हो जाएंगे।

                          14. 3 से 4 चम्मच ऑलिव ऑयल को गुनगुना कर बालों पर मसाज करें। इसके बाद टॉवेल को हल्का गर्म करके बालों पर बांध लें। इसके 1 घंटे बाद नहा लें।


                          15. दो-दो चम्मच दूध और शहद को मिला लें। इससे रोज हल्की मसाज करें। इसके एक घंटे बाद नहा लें। इससे बाल काले, घने और मुलायम होंगे।





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                          मिदनापुर : देश में एक तरफ जहां धर्म और संप्रदाय की सियासत जोरों पर है, वहीं पश्चिम बंगाल के मिदनापुर जिले के 62 साल के यासीन पठान सांप्रदायिक सौहार्द की अनोखी मिसाल पेश कर रहे हैं। मिदनापुर के पथरा गांव के रहने वाले यासीन पठान इलाके के सैकड़ों साल पुराने जर्जर हो चुके मंदिरों की लंबे अरसे से देखभाल कर रहे हैं।


                          स्कूल में प्यून के पद से सेवानिवृत्त यासीन पठान अबतक इलाके के 34 से ज्यादा जर्जर हो चुके मंदिरों का पुनर्निर्माण भी करा चुके हैं। पैसे की तंगी के बावजूद यासीन पठान का मंदिर बचाओं मिशना जारी हैं। मुसलमान होने के कारण शुरुआत में उन्हें लोगों के विरोध का भी सामना करना पड़ा।

                           हिंदू जहां उनके मंदिरों में घुसनेल का विरोध कर रहे थे वहीं उनके अपने समुदाय के लोग उन्हें काफिर कह रहे थे। लेकिन धुन के पक्के यासीन पठान बदहाल मंदिरों की निगरानी और उसके पुर्णोद्धार में जुटे रहे। यासीन पठान को उनके इस काम के लिए 1993 में कबीर पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया, लेकिन पिछले साल उन्होंने उसे वापस कर दिया था।


                          हालांकि मंदिरों की सेहत सुधारते-सुधारते आज उनकी ही सेहत खराब हो गई। पठान को किडनी और दिल की बीमारी है,और तत्काल सर्जरी की जरूरत है। लेकिन आर्थिक तंगी की वजह से आज उनका समुचित इलाज नहीं हो पा रहा है। खराब सेहत के बावजूद यासीन पठान का जज्बा कम नहीं हुआ है और वो लगातार अपने कामों के जरिए लोगों को साम्प्रदायिक सौहार्द और सद्भावना का संदेश देने में जुटे हैं।






                          सोर्स:न्यूज़ २४ 
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                          धन, सुख और समृद्ध‌ि के ल‌िए आप देवी लक्ष्मी के साथ एक देवता की पूजा करते हैं। इस देवता की पूजा के ब‌िना देवी लक्ष्मी भी कृपा नहीं करती हैं। लेक‌िन बहुत कम लोग जानते हैं क‌ि यह देवता एक चोर हुआ करते थे।


                          story of god kuber

                          हम ज‌िस देवता की बात कर रहे हैं वह कोई और नहीं रावण के सौतेले भाई कुबेर महाराज हैं ज‌िन्हें देवताओं के धन का खजांची कहा जाता है। ज‌िनकी पत्नी स्वयं धन की देवी लक्ष्मी है उन भगवान व‌िष्‍णु को भी एक बार कुबेर से कर्ज लेना पड़ा था। इस कर्ज को चुकाने के ल‌िए ‌त‌िरूपत‌ि बालाजी को सोने, चांदी, हीरे मोत‌ियों के गहने चढ़ाए जाते हैं। इस धनवान भगवान की कथा है क‌ि यह भगवान बनने से पहले एक चोर हुआ करते थे।


                          story of god kuber


                            स्कंद पुराण की कथा के अनुसार कुबेर सोमदत्त दीक्ष‌ित नामक ब्राह्मण के पुत्र थे ज‌िनका नाम गुणन‌िध‌ि था। अपने नाम के व‌िपरीत गुणन‌िध‌ि में सारे अवगुण भरे थे। बुरी संगत में पड़कर वह चोरी करने लगा। नाराज होकर प‌िता ने इन्हें घर से न‌िकाल द‌िया। इसके बाद गुणन‌िध‌ि और भी गलत काम करने लगा।


                            story of god kuber

                            गुणन‌िध‌ि को राजा ने अपने देश से न‌िकाल द‌िया। भूख प्यास से व्याकुल गुणन‌िध‌ि क‌िसी अन्य नगर में जा रहा था तभी उसकी नजर एक मंद‌िर पर गई। गुणन‌िध‌ि ने भूख म‌िटाने के ल‌िए मंद‌िर से प्रसाद चुराने का व‌िचार क‌िया और मौका म‌िलते ही मंद‌िर में जा पहुंचा।


                            story of god kuber

                            मंद‌िर में जलते दीपक के सामने इन्होंने अपना अंगोछा लटका द‌िया ताक‌ि पास में सो रहे पुजारी की इन पर नजर न जाए। इसके बाद प्रसाद चुराकर जैसे ही भागने लगा कुछ लोगों की इन पर नजर पड़ गई और गुणन‌िध‌ि को पकड़ ल‌िया गया। भागम भाग और भूख से गुणन‌िध‌ि की मृत्यु हो गई।

                            story of god kuber

                            यमदूत और श‌िव के दूत दोनों ही गुणन‌िध‌ि को अपने साथ ले जाने आ पहुंचे। श‌िव के दूतों को देखकर यमदूत पीछे हट गए और गुणन‌िध‌ि भगवान श‌िव के पास लाए गए। भगवान श‌िव ने कहा क‌ि तुमने बहुत पाप क‌िए हैं लेक‌िन धन त्रयोदशी के द‌िन तुमने अपने अंगोछे के ओट से मेरे मंद‌िर में जल रहे दीपक को बुझने से बचाया है इस पुण्य के प्रभाव से तुम मेरे पार्षद हो गए हो और तुम जो धन के लालच में चोरी क‌िया करते थे इसल‌िए मैं तुम्हें पूरी दुन‌िया के धन का अध‌िपत‌ि बनाता हूं आज से तुम कुबेर कहलाओगे। इस तरह चोरी करके भी गुणन‌िध‌ि कुबेर भगवान बन गए।








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