99 वे साल का एक कैदी आज जेल से आजाद हुआ। वह बिना सहारे चलने की स्थिति में नहीं था। जेल से बाहर उसे ना तो कोई लेने आया और ना ही उसके चेहरे पर आजादी की खुशी नजर आ रही थी। बस उसने इतना ही बोला, बाबूजी धीरे चलना। शायद उसका मतलब था कि जोश में एेसा काम नहीं करना चाहिए, जिससे बुढ़ापा जेल में कटे।
कोटा सेंट्रल जेल से आज 99 साल का रामचंद्र रिहा हुआ। बारां जिले के बापचा थाना इलाके में कान्याखेडी गांव में मामूली विवाद के दौरान हुई हत्या के मामले में रामच्रंद को उम्र कैद की सजा मिली थी। 11 साल तक फरारी काटने के बाद रामचंद्र गिरफ्तार हुआ था।
इसके बाद न्यायालय द्वारा सुनाई गई सजा के 16 साल उसने सेंट्रल जेल में कैदियों के बीच काटे। यहां आकर उसने खुद को अच्छे व्यवहार में ढाला और आज इसकी बदौलत रिहा भी हो गया।
खुली जेल के 60 कैदियों में सबसे उम्रदराज था ये...
रामचंद्रPC: amar ujala
रामचंद्र के अच्छे व्यवहार को देखते हुए जेल प्रशासन ने उसे खुली जेल में शिफ्ट कर दिया। वर्ष 2015 से खुली जेल में दो साल के अच्छे आचरण और उम्र को देखते हुए जेल प्रशासन ने उसे रिहाई के लिए प्रयास शुरू किए, जिसमें उन्हे सफलता मिली। पांच महीने पहले ही उसकी रिहाई के आदेश महानिदेशालय पुलिस से कोटा जेल प्रशासन को मिले।
कोटा खुली जेल में लगभग 60 कैदी अपने गुनाहों की सजा काट रहे हैं, जिसमें यह उम्रदराज कैदी रामचंद्र एक था। उम्र का बड़ा हिस्सा रामचंद्र ने जेल में गुजारा है, लेकिन रिहाई ने जेल के अनुभव के साथ बड़ा संदेश इस बुजुर्ग को देने के लिए मजबूर कर दिया। अपने गुनाह की माफी तो रामचंद्र मांग रहा है।
वैलेंटाइन डे पर आशिक अपने प्रेमी को प्यार का इजहार करने के लिए तरह-तरह के प्यार भरे गिफ्ट देते हैं। इस दिन साथी के सामने दिल खोलकर अपने प्रेम का इज़हार करते हैं। वहीं इनमें से कुछ प्रेमी ऐसे भी हैं जो अपने वेलेंटाइन को अजीबो-गरीब चींजे देने से भी नहीं चूकते हैं। ऐसा ही एक माजरा देखने को मिला मुंबई के एक आशिक का। बाजार में नोटों की किल्लत, नोट निकासी की लिमिट, लोगों को नोट नहीं मिलने की शिकायत के बावजूद इस आशिक ने 2000 के नोटों से पूरी की पूरी कार ही सजा डाली।
जिसके बाद उसकी इस हरकत पर मुंबई पुलिस ने उसे पकड़ लिया और अब मिस्टर आशिक अपना वेलेंटाइन डे जेल में ही मनाएंगे। सोर्स:लाइव इंडिया
आप अक्सर भारत चीन सीमा पर दोनों देशों की सेनाओं के आमने सामने आने की खबरें सुनते हैं। चीन के आक्रामक रुख को देखकर कई बार आप को लगता होगा कि चीन हम से अधिक ताकतवर है। उसके सैनिक भारतीय सैनिकों से अधिक बहादुर हैं। अगर आप ऐसा सोचते हैं तो आप गलत सोचते हैं। इन दो घटनाओं को पढ़ने के बाद आपकी यह धारणा पूरी तरह है बदल जाएगी। वर्ष 1962 के बाद मौका मिलते ही भारतीय सैनिक सीमा पर चीनी सैनिकों की लाशे गिराने में जरा भी कोताही नहीं बरतते। भारत चीन सीमा पर नाथुला दर्रे के पास है चोला इलाका।
इसे चोला पास भी कहते हैं। बात 1967 की है। जब भारतीय सैनिको ने चीनी सेना के 44 सैनिकों को मौत की नींद सुला दिया। इस जंग की शुरूआत एक पत्थर पर कब्जे को लेकर हुई थी। दोनों सेनाओं के सैनिक एक दूसरे से करीब 10 फिट की दूरी पर तैनात थे। चीनी सेना का एक संतरी एक पत्थर पर अपना दावा करते हुए उसे चीन का बताने लगा।
इस पर भारतीय सैनिक ने पत्थर पर अपना दावा ठोंकते हुए कहा कि अगर हिम्मत है तो हाथ लगाकर दिखा इस पत्थर को। इस पर चीनी सैनिक ने भारतीय सेना के जेसीओं पर हमला कर दिया। चीनी सैनिक की इस हिमाकत से गुस्साएं सेना की 711 जीआर के एक संतरी ने उस चीनी सैनिक के वे दोनों हाथ खुखरी से काट दिए जिससे उसने पत्थर का छूने की कोशिश की थी। इस हमले में 21 भारतीय सैनिक भी शहीद हुए थे। हाल ही में चोला विजय का स्मारक बनाया गया है। जब कभी आप वहां जाएंगे तो इस स्मारक के पास आपको एक लाल रंग से रंगे एक पत्थर की तस्वीर नजर आएगी। यही वो पत्थर है जिस पर कब्जे को लेकर भारत और चीन में बारूदी जंग शुरू हुई थी।
वहीं इस घटना के 15 दिन पहले 11 सितंबर 1967 को नाथुला पास में भारतीय सेना चीनी सेना के 400 सैनिकों को मौत की नींद सुला चुकी थी। इस घटना के पहले चीनी सेना अक्सर लाउडस्पीकर पर भारतीय सेना को धमकाया करती थी कि पीछे हटो वरना 1962 वाला हाल करेंगे। भारत ने चीन की इन हरकतों को रोकने के लिए 1967 में नाथुला पास पर तैनात मेजर जनरल सगत राय की अगुवाई में कंटीली बाड़ लगाने का फैसला किया। लेकिन चीन ने बाड़ लगा रही भारतीय सेना पर धोखे से हमला कर दिया। बाड़ लगाने में जुटे इंजीनिरिंग यूनिट समेत भारतीय सेना के 67 जवान मारे गए।
बस फिर क्या था भारतीय सेना का खून खौल उठा. पलक झपकते ही चीन की मशीनगन यूनिट को पूरी तरह तबाह कर दिया गया। भारतीय सेना ने चीन के 400 सैनिकों को बेरहमी से मार दिया। इन दोनों मोर्चों पर बुरी तरह हारने के बाद चीन ने कभी नाथुला और चोला इलाके में भारतीय सीमा और सैनिकों के पास फटकने की हिम्मत नहीं की। सोर्स:लाइव इंडिया
देश में चुनावी माहौल अपने चरम पर है , देश के पांच राज्यो में चुनाव चल रहे है और राजनीतिक तपिश हर और महसूस की जा सकती है और लगे हाथ अगर ये भी वोटिंग कर ले की बॉलीवुड का सबसे बड़ा देश भक्त एक्टर कौन है तो शायद एक ही नाम आएगा अक्षय कुमार . देश भक्ति से लबालब इनकी फिल्मे तो आती ही रहती है और साथ ही साथ इन्होंने फेसबुक लाइव भी किये हैं सैनिकों के ऊपर. बेंगलुरु में हुई मोलेस्टेशन की घटना के बाद ही इमोशन से भरा नासमझ किस्म का वीडियो भी आया था अक्षय का. कहा तो ये भी जा रहा है कि अक्षय इस युग के मनोज कुमार हैं. अजय देवगन और सुनील शेट्टी ने भी कहा था कि अक्षय ने अपना एक नया किला खोज लिया है. इनकी कुछ फिल्मों पर नजर डालें तो बेबी, एयरलिफ्ट से लेकर रुस्तम तक में देशभक्ति गूंज रही थी. अभी इनकी जॉली LLB-2 आई है . ये भी देशभक्ति के दूध में उबल के आई है. पहली में तो न्याय व्यवस्था को लेकर मजाक बना था, लेकिन इसमें देश का लिहाज और इलाज हो रहा है. गुलाल पोते हुए अक्षय किसी क्रांतिकारी से कम नहीं लगते. लगता ही नहीं कि लखनऊ के किसी कोर्ट के पान खाने वाले वकील हैं. पर इनके बारे में एक बात ऐसी है कि विश्वास नहीं होता. अक्षय कुमार इंडिया में वोट नहीं कर सकते. जी हां. कभी आपने उनकी किसी भी तरह की फोटो देखी है वोट करते हुए? अक्षय जनतंत्र के इस पर्व को भुनाते थकते नहीं. पर आप ये कह सकते हैं कि ये कोई बात नहीं हुई. जब रुस्तम की शूटिंग हो रही थी तब हीथ्रो एयरपोर्ट पर अक्षय को डिटेन कर लिया गया था. क्योंकि इनके पेपर्स में कुछ गड़बड़ी मिली थी. उसी दौरान ये पता चला था कि अक्षय के पास कनाडा की नागरिकता है. वो ऑफिशियली वहीं के नागरिक हैं. हां ये हो सकता है कि अक्षय के पास दोहरी नागरिकता हो. कनाडा और इंडिया दोनों की. पर इंडिया में एक रूल है. इसके मुताबिक अगर आपके पास किसी और देश की नागरिकता है तो आप यहां वोट नहीं कर सकते. सिटिजनशिप एक्ट 1955 के सेक्शन 9 के मुताबिक तो वो अब इंडियन सिटीजन भी नहीं हैं. पर अक्षय जितने बड़े देशभक्त के लिए तो ये मामूली चीजें हैं. राय देने से कौन ही रोक सकता है. काम भले ही आप कुछ करें. फेसबुक लाइव से बड़ी देशभक्ति कुछ है नहीं. टैक्स पे करते ही हैं. करना ही पड़ेगा. इसमें कोई महानता नहीं है. ये तो कर्तव्य है. पर साथ में अगर देशभक्ति करने से कुछ चीजें हासिल हो जाएं तो दूसरे देश का नागरिक बने रहने में भी क्या समस्या है. इनके अलावा भी कुछ एक्टर हैं जिनके पास भारत की नागरिकता नहीं है. आलिया भट्ट के पास ब्रिटेन की है. इमरान खान के पास अमेरिका की है. दीपिका पादुकोण के पास डेनमार्क की नागरिकता है. सोर्स:लल्लनटॉप
भारत की अमेरिका और जापान से बढ़ती दोस्ती, दक्षिण चीन सागर विवाद और वन चाइना पॉलिसी पर अमेरिका से बढ़ती तनातनी ने चीन की चिंता बढ़ा दी है...
बौखलाया चीन दुनिया के सामने अपनी सैन्य शक्ति दिखाकर अपना वर्चस्व साबित करने की कोशिश कर रहा है...
इसी कड़ी में उसने पहले दस न्यूक्लियर वारहेड को लेकर जाने वाली इंटरकांटिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल का परिक्षण किया और अब मध्यम दूरी की मारक क्षमता वाली बैलिस्टिक मिसाइल के साथ सबसे बड़ी मिलिट्री ड्रिल कर रहा है...
चीन ने इन मिसाइल टेस्ट के साथ अपने नई सैन्य बल रॉकेट फोर्स को अत्याधुनिक बना लिया है... जो भारत, जापान और अमेरिका समेत दुनिया के कई देशों के लिए खतरा साबित हो सकता है...
चीन ने मिलिट्री ड्रिल का वीडियो किया जारी-
चीन के सरकारी अखबार चाइना डेली में सोमवार को यह खबर छापी है साथ ही वेबसाइट पर एक वीडियो भी अपलोड किया गया है...
खबर के मुताबिक इस युद्धाभ्यास में दो तरह के DF-16 बैलिस्टिक मिसाइल को दिखाया गया है...
ऐसा तीसरी बार है जब सार्वजनिक तौर पर इस तरह DF-16 को दिखाया जा रहा है...
सबसे पहले इस मिसाइल को सितंबर 2015 में दुनिया के सामने बीजिंग में हुई मिलिट्री परेड में दिखाया गया था...
वैसे चीन की सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी PLA जो अपने हथियारों से संबंधित सूचनाओं को काफी गोपनीय रखता है...
उसने दुनिया को अपनी ताकत दिखाने के लिए बैलिस्टिक मिसाइल से किए जा रहे सेना के युद्धाभ्यास का वीडियो जारी किया है...
ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद से चीन दिखा रहा है आक्रामक तेवर-
डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद से ही चीन लगातार ताइवान को लेकर आक्रामकता दिखा रहा है...
ताइवान के राष्ट्रपति के साथ ट्रंप की बातचीत के बाद से चीन लगातार यह रुख अपना रहा है...
ट्रंप की इस बातचीत पर आपत्ति जताते हुए चीन ने अपने फर्स्ट एयरक्राफ्ट कैरियर को ताइवान जलडमरूमध्य भेजा था...
साथ ही अपना एयरक्राफ्ट प्रशांत महासागर में स्थित फर्स्ट आइलैंड चेन में भी भेजा...
इसके अलावा, चीन ने विवादित दक्षिणी चीन सागर क्षेत्र में भी नौसेना अभ्यास किया...
चीन ने रूस के साथ सटी अपनी सीमा के पास एक लंबी दूरी के मिसाइल को भी तैनात किया है...
रूस की मीडिया का कहना है कि इस मिसाइल का निशाना अमेरिका की ओर है...
चीन के पास मौजूद हैं दुनिया को तबाह करने वाली घातक मिसाइल
डीएफ (डोंगफेंग)-41:रेंज 15000 किमी- ये चीन की इंटरकॉन्टिनेन्टल बैलिस्टिक मिसाइल है। ये 12000 से 15000 किमी की रेंज में जबरदस्त हमला करती है। ये दुनिया की पहली मिसाइल है, जो सबसे दूर तक मार करने वाली है। इसकी स्पीड 30 हजार किमी प्रतिघंटा है और इसका वजन 80 हजार किग्रा है।
डीएफ-5:चीन की ये इंटरकॉन्टिनेन्टल बैलिस्टिक मिसाइल भी 12000 से 15000 किमी की रेंज में हमला करती है। इसकी स्पीड 26950 km/h है। इसका वजन 1.83 लाख किग्रा है।
डीएफ-5B:द्रवीय ईंधन से चालित यह अंतरमहाद्वीपीय बैलेस्टिक मिसाइल तीन से अधिक परमाणु हथियार लेकर 15000 किमी दूर तक मार कर सकता है।
डीएफ-31: चीन की ये इंटरकॉन्टिनेन्टल बैलिस्टिक मिसाइल भी 8000 से 11200 किमी की रेंज में हमला करती है। इसका वजन 42000 किग्रा है। एेसा माना जाता है कि इस मिसाइल में कई एडवांस टेक्नोलॉजी हैं।
डीएफ-JL2: ये चीन की सबमरीन से लॉन्च होने वाली बैलिस्टिक मिसाइल है। ये 7200 किमी की रेंज में सबकुछ तबाह कर देती है। इसका वजन 42 हजार किग्रा है। इसे चीन के सबसे घातक हथियारों में शामिल किया जाता है।
डीएफ-4:ये भी चीन की इंटरकॉन्टिनेन्टल बैलिस्टिक मिसाइल है। ये 5500 की रेंज में मार करती है। इसका वजन 82000 किग्रा है। इसमें 2190 किग्रा के न्यूक्लियर हथियार होते हैं।
डीएफ-26: चार हजार किलोमीटर दूर तक हमला करनेवाले इस मिसाइल को ‘गुआम किलर’ की संज्ञा दी जाती है क्योंकि गुआम में स्थित अमेरिकी नौसैनिक बेड़ा इसके दायरे में है।
डीएफ-21C:ये चीन की मीडियम रेंज बैलिस्टक मिसाइल है। ये 1750 किमी से ज्यादा की रेंज में मार करती है। इसका वजन 14700 किग्रा है। चीन ने इस मिसाइल को 1991 से सेना में शामिल किया था।
डीएफ-21D: युद्धपोतों को नष्ट करने की क्षमता रखनेवाला यह बैलेस्टिक मिसाइल 1,450 किलोमीटर दूर तक जा सकता है।
डीएफ-10:ये चीन की जमीन से मार करने वाली क्रूज मिसाइल है। ये 3000 किमी की रेंज में मार करती है। जब ये मिसाइल आई थी, तब अमेरिका की चिन्ता बढ़ गई थी। उसने इसे लेकर सीक्रेट रिपोर्ट भी तैयार की थी।
डीएफ-3: ये चीन की इंटरमिजिएट रेंज बैलिस्टक मिसाइल है। ये 3000 किमी से ज्यादा की रेंज में मार करती है। इन मिसाइलों को चीन ने सऊदी अरब को भी बेचा है।
डीएफ-11a:ये चीन की शॉर्ट रेंज बैलिस्टक मिसाइल है। ये 300 किमी की रेंज में मार करती है। इसका वजन 4200 किग्रा है।
डीएफ-15: ये चीन की शॉर्ट रेंज बैलिस्टक मिसाइल है। ये 600 किमी की रेंज में मार करती है। इसका वजन 6200 किग्रा है। इसे 8 व्हील ट्रांसपोर्टर इरेक्टर लॉन्चर से दागा जाता है।
डीएफ-16: ये चीन की मीडियम रेंज बैलिस्टक मिसाइल है। डीएफ-16 1000 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तक के लक्ष्य को भेद सकती है। इस मिसाइल की जद में चीन के दिआओयू द्वीप समूह से करीब 400 किलोमीटर दूर जापान का ओकीनावा द्वीप भी आता है।
दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के बड़े हिस्से में करीब 10.35 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.8 मापी गई। भूकंप का केंद्र उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में था। उत्तराखंड, चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा और यूपी के कई शहरों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूंकप के बाद लोग अपने-अपने घरों से बाहर आ गए। उत्तराखंड के राज्य आपदा कंट्रोल रूम के अनुसार भूकंप से राज्य में अभी तक किसी भी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है। भूंकप के बाद NDRF की दो टीमों को रुद्रप्रयाग के लिए रवाना किया गया है। सोर्स:न्यूज़ 24
लोगों में काफी दहशत हैं और वो भूकंप झटको के बाद काभी सहमे हुए हैं।
उत्तर भारत सोमवार रात भूकंप के झटको से काँप उठा। भूकंप का केंद्र उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में था। दिल्ली, चंडीगढ़, मेरठ समेत कई शहरों में भूकंप के झटके करीब 30 सेकंड तक महसूस किये गये। झटको के बाद लोग अपने घरों से बहार निकल आए। लोगों में काफी दहशत हैं और वो भूकंप झटको के बाद काफी सहमे हुए हैं।
दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में भी भूकंप के झटके महसूस किये गए हैं। जानकारी के मुताबिक रात करीब 10 बजकर 35 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किये गए। भूकंप का केंद्र उत्तराखंड का रूद्रप्रयाग बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक रूद्रप्रयाग के पास पीपलकोटी में जमीन के अंदर करीब 21 किलोमीटर की गहराई में इसका केंद्र रहा।
करीब 30 सेकंड तक महसूस किये गए भारी झटकों के बाद लोग दहशत में आ गए और जान बचाने के लिये अपने-अपने घरों से बहार निकल आए। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 5.8 मापी गई है। जानकारी के मुताबिक भूकंप का केंद्र उत्तराखंड का रूद्रप्रयाग बताया जा रहा है।
खबर लिखे जाने तक इस मामले में किसी की भी जानमाल की हानी और अन्य किसी भी तरह के नुकसान की खबर नहीं आई है।
गौरतलब है कि इससे पहले सरकार ने जानकारी देते हुए बताया था कि बीते दो साल में भूकंप की वजह से 115 लोगों की जान गई और 13,000 से अधिक मकान नष्ट हो गए। पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री वाई एस चौधरी ने आज राज्यसभा को यह जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2015 और 2016 में बिहार में भूकंप से 79 लोगों की और उत्तर प्रदेश में 19 लोगों की मौत हुई।
वर्ष 2015 में नेपाल में भीषण भूकंप आया था जिसके असर के चलते बिहार और उत्तर प्रदेश में भी जान माल का नुकसान हुआ था।
उन्होंने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि पिछले दो साल में भूकंप की वजह से पश्चिम बंगाल में तीन, राजस्थान और मणिपुर में एक एक तथा जम्मू कश्मीर में चार लोगों की जान गई।
लाखों लोगों से ऑनलाइन बिजनेस के नाम पर 3700 करोड़ की ठगी करने वाले गिरोह के संचालकों की गिरफ्तारी के बाद गाजियाबाद शहर के हजारों लोगों के करोड़ों रुपये दांव पर लग गए हैं। लोगों को डर सता रहा है कि उनके रुपये डूब न जाएं। बृहस्पतिवार को ऑनलाइन कंपनी में पैसे लगाने वाले लोग आरडीसी स्थित कंपनी के आॉफिस के बाहर चक्कर लगाते नजर आए। हालांकि कंपनी का ऑफिस बंद मिला।
सूत्रों के मुताबिक, इस ऑनलाइन सोशल ट्रेडिंग कंपनी का मेन सर्वर गाजियाबाद स्थित आरडीसी में ही था, जहां बुधवार दोपहर करीब दो बजे एसटीएफ ने छापा मारा था। कुछ कर्मचारी तो मौके से भाग निकले, जबकि कई को एसटीएफ ने पकड़ लिया था। हालांकि इसकी भनक लोकल पुलिस को नहीं लगने दी गई। बृहस्पतिवार को जैसे ही कंपनी कर्मियों के नोएडा में गिरफ्तार किए जाने की सूचना सोशल मीडिया और न्यूज चैनलों के जरिए मिली तो निवेशकों में खलबली मच गई। लोग लगातार आरडीसी कंपनी के ऑफिस आने लगे।
कुछ तो रजिस्ट्रेशन कराने आए थे, जिनका कहना था कि ईश्वर की कृपा से वे बच गए। वहीं, कई निवेशकों का कहना था कि उन्होंने हाल ही में निवेश किया था, अब उन्हें पैसे डूबने का डर सता रहा है, हालांकि उन्हें मैसेज के जरिए कंपनी कर्मी सूचना दे रहे हैं कि उनके पैसे नहीं डूबेंगे। कई ऐसे भी थे, जो कह रहे थे कि उन्हें पैसे लगाने से फायदा हुआ है क्योंकि उन्होंने कई महीने पहले पैसे लगाए थे।
नेहरू नगर निवासी रोहित ने बताया कि उन्होंने ऑनलाइन लाइक करने वाले इस बिजनेस में 57500 रुपये लगाए थे। इसके बाद उनके अकाउंट में प्रतिदिन के हिसाब से करीब 500 रुपये आने शुरू हो गए। इसी कारण उन्होंने अपने रिश्तेदार दोस्तों के रुपये लगवा दिए। बृहस्पतिवार को पता चला कि कंपनी को चलाने वाले व्यक्ति को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है। ऐसे अब उन्हें रुपयों की चिंता होने लगी है कि उनके रुपये कैसे आएंगे।
ऐसे चलता था धंधा इस ऑनलाइन बिजनेस में 5750 रुपये लेकर 57500 रुपये तक रजिस्ट्रेशन शुल्क लिया जाता था। रकम के हिसाब से ही बिजनेस मिलता था। 57500 रुपये के निवेश पर प्रतिदिन 120 ऑनलाइन एड देखकर उन्हें लाइक करना होता था। प्रति लाइक के पांच रुपये मिलते थे। यह बिजनेस महीने में 20 दिन करना होता था। प्रतिदिन 510 रुपये अकाउंट में जमा हो जाते थे। यही नहीं, दूसरे किसी व्यक्ति को इस कंपनी से जोड़ने पर प्रोत्साहन राशि भी मिलती थी। सूत्रों के मुताबिक, इस तरह की कई और कंपनियां भी गाजियाबाद में चल रही हैं, जो लोगों से इसी तरह निवेश कराती हैं। अब इन कंपनियों में निवेश करने वालों में भी बेचैनी बढ़ गई है। सोर्स:अमरउजाला
नई दिल्ली : महेंद्र सिंह धोनी
ने बुधवार को एक बड़ा फैसला करते हुए भारतीय वनडे टीम और टी-20 की कप्तानी
छोड़ने का ऐलान कर दिया। धोनी ने कहा है कि इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 और
वनडे के लिए उनका चयन यदि किया जाता है तो वह टीम इंडिया का हिस्सा बनेंगे। बीसीसीआई ने ट्वीट कर धोनी के कप्तानी छोड़ने की जानकारी दी है। धोनी टेस्ट टीम की कप्तानी पहले ही छोड़ चुके हैं।