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दिग्गज भारतीय टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस का डेविस कप इतिहास के डबल्स मुकाबलों में सर्वाधिक जीत का रिकॉर्ड बनाने का सपना चकनाचूर हो गया। 




पेस और विष्णु वर्धन की जोड़ी को एशिया ओसनिया ग्र्रुप-एक के डबल्स मुकाबले में न्यूजीलैंड के आर्टेम सिटाक और माइकल वीनस के हाथों संघर्षपूर्ण मुकाबले में शिकस्त का सामना करना पड़ा।





पहला सेट जीतने वाली भारतीय जोड़ी को सिटाक-वीनस की जोड़ी से 6-3, 3-6, 6-7, 3-6 से हार झेलनी पड़ी। 18 बार के ग्रैंडस्लैम चैंपियन पेस का यह 55वां डेविस कप मुकाबला था। 



अब 42 मुकाबले जीतकर इटली के निकोला पिएट्रांगेली के साथ बराबरी पर हैं। अगर वह आज का मैच जीत जाते तो वह निकोला को पीछे छोड़ देते और सर्वाधिक मैच जीतने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन जाते। हालांकि भारतीय टीम अब भी 2-1 से आगे है। 




शुक्रवार को युकी भांबरी और रामकुमार रामनाथन ने अपने-अपने सिंगल्स मुकाबले जीतकर भारत को 2-0 की बढ़त दिलाई थी। अब रविवार को रिवर्स सिंगल्स मुकाबला खेला जाएगा। इसमें रामकुमार का सामना न्यूजीलैंड के नंबर एक खिलाड़ी फिन टीयर्ने से होगा। रामकुमार यह मुकाबला जीतकर भारत को 3-1 से जीत दिलाना चाहेंगे।




सोर्स:दैनिक जागरण 
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सदी के दो महान टेनिस खिलाड़ियों के बीच आज ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताबी जंग होने जा रहा है। टेनिस प्रेमियों को ग्रैंडस्लैम के इस ड्रीम फाइनल का बेसब्री से इंतजार है।




2011 फ्रेंच ओपन के बाद फेडरर और नडाल पहली बार किसी ग्रैंडस्लैम के फाइनल में आमने-सामने होंगे। वहीं मेलबर्न में दोनों एक-दूसर के खिलाफ आठ साल बाद ऑस्ट्रेलियन ओपन की ट्रॉफी पर कब्जा करने उतरेंगे।





17 बार के ग्रैंडस्लैम चैंपियन फेडरर पांच साल से तो नडाल तीन साल से कोई ग्रैंडस्लैम खिताब नहीं जीत पाए हैं। फेडरर ने कुल 17 ग्रैंड स्लेम सिंगल्स खिताब जीते हैं, वहीं नडाल 14 ग्रैंड स्लैम खिताब अपने नाम कर चुके हैं।







नडाल और फेडरर नौवीं बार किसी ग्रैंड स्लैम के फाइनल में भिड़ेंगे। अब तक दोनों के बीच हुए ग्रैंड स्लैम फाइनल में 6 बार नडाल ने बाजी मारी, जबकि फेडरर दो बार ही जीत पाए।





सोर्स:न्यूज़ २४ 
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नई दिल्ली : भारतीय टीम शुक्रवार से यहां शुरू होने वाले डेविस कप विश्व ग्रुप प्ले ऑफ मुकाबले में पांच बार की चैम्पियन स्पेन से भिड़ने के लिए तैयार है जिसमें स्टार राफेल नडाल सहित विश्व स्तर के खिलाड़ी मौजूद है। स्पेन की टीम एलीट विश्व ग्रुप में स्थान हासिल करने के लिये बेताब है।

विश्व ग्रुप प्ले ऑफ मुकाबला हालांकि भारत के एकल खिलाड़ी साकेत मायनेनी (चार) और रामकुमार रामनाथन (1) के लिए अच्छा मौका होगा जिनके पास मिलाकर डेविस कप करियर के नाम पर केवल पांच मैच खेलने का अनुभव है। ये दोनों सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के खिलाफ खुद की परीक्षा ही नहीं करना चाहेंगे बल्कि उनसे काफी कुछ सीखना भी चाहेंगे।


भारतीय टेनिस प्रशंसकों के लिये भी यह जीवन में एक बार मिलने वाला मौका होगा क्योंकि उन्हें इस दौरान 14 बार के ग्रैंडस्लैम चैम्पियन नडाल को प्रतिस्पर्धी मैच में खेलते हुए देखने का मौका मिलेगा। यह खिलाड़ी हालांकि पिछले कुछ समय से जूझ रहा है लेकिन उन्हें कभी भी कमतर नहीं माना जा सकता है।

साथ ही भारत के पास इतने एटीपी टूर्नामेंट नहीं हैं जिसमें टेनिस स्टार जैसे नडाल, डेविड फेरर (दुनिया के 13वें नंबर के खिलाड़ी) और फ्रेंच ओपन चैम्पियन फेलिसियानो लोपेज (विश्व रैंकिंग में 26वें स्थान पर) और मार्क लोपेज (युगल में विश्व रैंकिंग में 15वें स्थान पर) आकर खेल सकते हैं।

दुनिया के चौथे नंबर के खिलाड़ी नडाल स्पेन के पांच में से चार डेविस कप खिताबी जीत (2004, 2008, 2009, 2011) में अहम भूमिका निभा चुके हैं और फेरर ने भी तीन खिताबों (2008, 2009, 2011) में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी। स्पेन के इन चारों खिलाड़ियों - नडाल (16), फेरर (18), फेलिसियानो लोपेज (22) और मार्क लोपेज (09) के पास मिलाकर 65 डेविस कप मुकाबलों का अनुभव है।

भारत के एकल खिलाड़ियों को सिर्फ पांच मैचों का अनुभव है जिसमें से रामकुमार ने दो महीने पहले ही चंडीगढ़ में कोरिया के खिलाफ अपना डेविस कप आगाज किया है। सुमित नागल को अगर एक मैच मिलता है तो उनके लिये अच्छा होगा। भारतीय टीम उम्मीद करेगी कि 53 मैचों के अनुभवी लिएंडर पेस से इन गैर अनुभवी खिलाड़ियों की बेहतरीन अगुवाई करें।

इन विश्व स्तरीय खिलाड़ियों के खिलाफ खेलते हुए हार मिलने पर कोई भी सवाल नहीं उठायेगा लेकिन जिस तरह से भारतीय खिलाड़ी भिड़ते हैं और चुनौती देते हैं, उस पर निश्चित रूप से सभी की निगाहें लगी होंगी। जैसा कि पेस ने कहा है, गंवाने के लिये कुछ नहीं है, मायनेनी और रामकुमार को अपने मैचों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा।

28 वर्षीय मायनेनी अमेरिकी ओपन में एक मुकाबला खेलकर आ रहे हैं, बल्कि उन्होंने क्वालीफायर के जरिये मुख्य ड्रा में जगह बनायी थी। उन्होंने अमेरिकी ओपन में अपने पहले राउंड में जिरी वेसेली के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन किया था। मायनेनी की सर्विस मजबूत है और उनके मैदानी स्ट्रोक्स भी बेहतर हैं लेकिन उनकी फिटनेस हमेशा चिंता का विषय रहती है। वह बहुत जल्दी ‘डीहाईड्रेट’ हो जाते हैं जिससे उन्हें मांसपेशियों में खिंचाव होने लगता है।


पेस डेविस कप के इतिहास में सबसे सफल युगल खिलाड़ी बनने से महज एक जीत दूर हैं। वह 42 युगल मुकाबले जीतकर अभी संयुक्त रूप से इटली के महान खिलाड़ी निकोला पिएट्रांगेली के साथ हैं। हालांकि वह और रोहन बोपन्ना अच्छी तरह सांमजस्य नहीं बना पाये, लेकिन अगर बोपन्ना खेलते तो भारत का युगल संयोजन बेहतर होता और इस अनुभवी भारतीय के पास यह रिकार्ड बनाने का बेहतरीन मौका होता।

अगर मायनेनी थकते नहीं हैं और अगले दिन के युगल मैच में खेलने के लिये ठीक रहते हैं तो उनके पेस के साथ युगल में खेलने की संभावना है। शीर्ष 100 में एक भी खिलाड़ी नहीं होने के बावजूद भारत ने लगातार प्ले आफ चरण में पहुंचकर खुद को एशियाई क्षेत्र में मजबूत बना लिया है। लेकिन विश्व ग्रुप में जगह बनाने के लिये और इसमें बरकरार रहने के लिये टीम को बेहतरीन एकल खिलाड़ियों को ढूंढने की जरूरत है। वर्ना टीम केवल एशिया-ओसनिया ग्रुप में ही खेलती रहेगी।



भाषा/ज़ी न्यूज़           
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जाने माने स्विस टेनिस खिलाड़ी रोजर फेडरर रियो ओलंपिक से भी बाहर हो गए हैं। उन्होने सीजन से बाहर होने की घोषणा की है।

- फेडरर ने एक फेसबुक पेज पर एक स्टेटमेंट में कहा, कि वह बेहद निराश हैं कि वह समर गेम्स में स्विटजरलैंड का प्रतिनिधित्व नहीं कर रहे होंगे। जो 5 अगस्त से शुरू हो रहे हैं।


- उन्होंने कहा कि सभी विकल्पों पर ध्यान देने और डॉक्टर्स और टीम से परामर्श के बाद ये मुश्किल फैसला किया है।


सोर्स:न्यूज़ २४ 
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पीटीआई-भाषा


हैदराबाद, 12 जुलाई : भाषा : बालीवुड सुपरस्टार शाहरूख खान टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा की आत्मकथा ‘ एस अगेंस्ट आड्स’ का यहां विमोचन करेंगे ।



किताब पिछले सप्ताह लांच की गई थी जिसमें सानिया के जीवन के तमाम अहम घटनाक्रमों और उसकी उपलब्धियों का जिक्र है ।




सानिया के पिता इमरान मिर्जा ने कहा ,‘‘ किताब लिखने का इरादा उसका था और इसे पूरा करने में पांच साल लगे ।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ यह उसकी किताब है और अब तक उसके जीवन के घटनाक्रमों का इसमें जिक्र है । इसमें उसके जीवन से जुड़े विवादों को भी छुआ गया है ।’’ हार्पर कोलिंस द्वारा प्रकाशित ‘एस अगेंस्ट आड्स’ जल्दी ही मुंबई समेत विभिन्न शहरों में लांच की जायेगी । मुंबई में सलमान खान इसका विमोचन कर सकते हैं ।
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ब्रितानी टेनिस स्टार एंडी मरे तीसरी बार विंबलडन के पुरुष एकल वर्ग के फ़ाइनल में पहुँच गए हैं.
एंडी मरे ने सेमीफ़ाइनल में चेक गणराज्य के टॉमस बर्डिच को 6-3, 6-3, 6-3 से सीधे सेटों में हराया.
मरे ने बर्डिच को दो घंटे के अंदर ही परास्त कर दिया.
जीत के बाद मरे ने बीबीसी से कहा, "ज़ाहिर है मैं बहुत ख़ुश हूँ. ये एक अच्छा मैच था. दूसरे सेट के बीच का हिस्सा बेहद अहम था. विंबलडन के फ़ाइनल में पहुँचना एक अच्छी उपलब्धि हैं और मैं अब रविवार को एक और फ़ाइनल खेलूंगा."
रविवार को होने वाले फ़ाइनल में मरे का मुक़ाबला कनाडा के माइलोस राओनिक से होगा.
छठी वरियता प्राप्त राओनिक ने अभी तक कोई बड़ा फ़ाइनल नहीं खेला है. सेमीफ़ाइनल में उन्होंने सात बार के विंबलडन चैंम्पियन रॉजर फ़ेडरर को हराकर इतिहास रच दिया है.
टेनिस प्रेमियों की नज़रें अब रविवार को होने वाले फ़ाइनल पर हैं.



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सात बार के विम्बलडन चैंपियन रोजर फेडरर को हराकर कनाडा के मिलोस राओनिक ने इतिहास रच दिया है.
पहली बार ग्रैंड स्लैम फाइनल में पहुंचे मिलोस राओनिक ने पांच सेट के ज़बरदस्त मुकाबले के बाद जीत दर्ज़ की.
इस हार के साथ ही रोजर फेडरर के आठवीं बार विम्बलडन चैंपियन बनने का ख़्वाब भी टूट गया है.
रैंकिंग में छठे पायदान पर रहे राओनिक ने 6-3, 6-7, 4-6, 7-5, 6-3 से फेडरर को हराया.
मिलोस राओनिक ने फेडरर को हरायाImage copyrightGETTY

ये पहला मौका है जब कनाडा का कोई टेनिस खिलाड़ी ग्रैंड स्लैम के फाइनल में पहुंचा है.
रविवार को खेले जाने वाले फाइनल मुकाबले में 25 वर्षीय राओनिक का सामना एंडी मरे या थॉमस बर्डिक से होगा.
अब तक के खेले गए 11 विम्बलडन सेमी-फाइनल मुकाबलों में 34 साल के फेडरर पहली बार हारे हैं.



सोर्स:बीबीसी
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लंदन, दो जुलाई : एएफपी : दुनिया की नंबर एक और गत चैम्पियन सेरेना विलियम्स ने विम्बलडन टेनिस ग्रैंडस्लैम में हमवतन अमेरिकी क्रिस्टिना मैकहाले को चुनौतीपूर्ण मुकाबले में 6-7 6-2 6-4 से शिकस्त देकर अगले दौर में प्रवेश किया।

छह बार की विम्बलडन चैम्पियन सेरेना विम्बलडन में शुरूआती दौर से बाहर होने से बच गयीं, अब अंतिम 16 में जगह बनाने के लिये जर्मनी की अनिका बेक से भिड़ेंगी।

उनकी बहन और पांच बार की चैम्पियन वीनस विलियम्स बारिश बाधित मैच के बाद अंतिम 16 में प्रवेश करने में सफल रहीं, उन्होंने रूस की युवा दारिया कासातकिना को 7-5 4-6 10-8 से पराजित किया।

अब वह क्वार्टरफाइनल में जगह बनाने के लिये स्पेन की आठवीं वरीय कार्ला सुआरेज नावारो से भिड़ेंगी। एएफपी नमिता खेल6 07021457 दि
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