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मयूनिख:जर्मनी के म्यूनिख शहर के एक व्यस्त मॉल में गोलीबारी करने वाले बंदूकधारी ने संभवत: अकेले ही इस हमले को अंजाम दिया और उसने नौ लोगों की जान लेने के बाद आत्महत्या कर ली।जर्मन पुलिस ने यह जानकारी दी है। यूरोप में आम नागरिकों पर बमुश्किल एक सप्ताह में यह तीसरा हमला है। ओलंपिया (ओईजेड) मॉल में हुए इस हमले के कारण दुकानदार घबराहट में इधर उधर भागने लगे। विशिष्ट पुलिस ने हमलावर का पता लगाने के लिए एक व्यापक अभियन शुरू किया।

पुलिस शुरूआत में ऐसा समझ रही थी कि यह हमला तीन लोगों ने किया है। पुलिस प्रमुख हुबर्ट्स एंड्रिया ने संवाददाताओं ने कहा, ‘अपराधी 18 वर्षीय जर्मन-ईरानी था जो म्यूनिख का रहने वाला था।’

बंदूकधारी के पास दोहरी नागरिकता थी और उसका ‘कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था।’ उन्होंने कहा, ‘इस अपराध को अंजाम देने के पीछे की वजह के बारे में अभी कुछ पता नहीं चल पा रहा है।’ पुलिस ने ‘ट्विटर’ पर कहा, ‘हमें एक व्यक्ति मिला जिसने आत्महत्या कर ली। हमारा मानना है कि वह एकमात्र बंदूकधारी था।’

जर्मनी की डीपीए समाचार समिति ने कहा कि यह बयान म्यूनिख पुलिस के विस्फोटकों संबंधी विशेषज्ञों द्वारा एक मृत व्यक्ति के पास मिले पिट्ठू बैग की जांच किए जाने के बाद जारी किया गया। ऐसा समझा जा रहा है कि बंदूकधारी ने अकेले ही हमले को अंजाम दिया। डीपीए ने बताया कि व्यक्ति का शव उस मॉल से करीब एक किलोमीटर दूरी पर मिला जहां गोलीबारी की गई थी।

इससे पहले बावेरिया की राजधानी में एक पुलिस प्रवक्ता ने कहा, ‘हमें इसके आतंकवादी घटना होने का संदेह है’ लेकिन इस घटना का इस्लामवादियों से संबंध होने के बारे में तत्काल कोई संकेत नहीं मिले है।सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में दिखाई दे रहा है कि काले रंग के कपड़े पहने एक बंदूकधारी मैक्डॉनल्ड्स के एक रेस्तरां से बाहर आते हुए लोगों पर अंधाधुंध गोलीबारी कर रहा है और लोग चिल्लाते हुए भाग रहे हैं।
जर्मनी अभी तक उस प्रकार के बड़े जिहादी हमलों से बचा हुआ था जैसे उसके पड़ोसी फ्रांस में देखे गए हैं।म्यूनिख का मुख्य रेलवे स्टेशन खाली कराया गया है और शहर में मेट्रो एवं बस सेवा को कई घंटों के लिए निलंबित कर दिया गया। लोगों को अपने घरों में रहने की हिदायत दी गई है जिसके कारण सड़के मुख्य रूप से सुनसान रहीं।म्यूनिख पुलिस ने बताया कि परिवहन सेवा आज तड़के से फिर से बहाल हो गई है।



सोर्स:ज़ी न्यूज़ 
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ढाका हमले को अभी एक हफ्ता भी नहीं बीता कि आतंकी संगठन आईएस ने एक वीडियो जारी कर बांग्लादेश को और हमलों की धमकी दी है. इस वीडियो में आईएस ने 'मुजाहिदों' और 'मुजाहिद देशों' पर भी हमले करने की धमकी दी है.

यू-ट्यूब पर भी जारी हुआ वीडियो

ये वीडियो रक्का से बांग्ला में आईएस से जुड़ी एक वेबसाइट पर जारी किया गया और बुधवार को इसे यू-ट्यूब पर भी रिलीज कर दिया गया. वीडियो में जिन लोगों को दिखाया गया है, उनमें से तीन बांग्लादेशी मूलके हैं, लेकिन उनकी पहचान नहीं हो पाई है.

वीडियो में सरकार को बताया काफिर 

वीडियो में ये लोग कह रहे हैं, 'हम मुजाहिदों की हत्या करना तब नहीं बंद नहीं करेंगे, जब तक हम जीतेंगे नहीं या अपने धर्म के लिए जान नहीं देंगे. हम शहीद होंगे और शहादत देंगे. हमारे पास खोने के लिए कुछ नहीं है.' वीडियो में एक दूसरा शख्स सरकार को काफिर कह रहा है. वो कहता है, 'सरकार ने अल्लाह का कानून बदल दिया है और इंसानों का बनाया हुआ कानून लागू कर दिया है इसलिए ये अब काफ‍िर हो गए हैं. हमारे धर्म के मुताबिक ये हमारा फर्ज है कि हम इनके ख‍िलाफ लड़ें. मुजाहिद दुनियाभर में बेगुनाह मुस्लिमों की विमानों और बम धमाकों के जरिए जान ले रहे हैं.'

ढाका हमले का ISI लिंक भी सामने आया 

वीडियो में तीसरा शख्स मुस्लिम भाई-बहनों को जिहाद के लिए आगे आने को कहता है. वो कहता है, 'इंशा अल्लाह, अल्लाह हमारा जिहाद कबूल करेगा. आईएस ने ढाका हमले की जिम्मेदारी ली थी. हालांकि बांग्लादेश की जांच एजेंसियों ने इसके पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का लिंक भी बताया था.

भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर जांच कर रहा है बांग्लादेश 

पिछले हफ्ते ढाका में हुए आतंकवादी हमले की जांच में भारतीय सुरक्षा एजेंसियां बांग्लादेश के साथ मिलकर काम कर रही हैं. इस हमले में 22 लोग मारे गए थे. एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि भारतीय एजेंसियां बांग्लादेश के जांच अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही हैं ताकि ढाका के राजनयिक इलाके के मशहूर होली आर्टिसन बेकरी में 12 घंटे के बंधक संकट के पीछे की साजिश का पता लगाया जा सके.




सोर्स:आजतक 

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 मदीना मस्जिद

रमज़ान के तीस दिन आने वाली ईद से महज 36 घण्टे पहले आतंकियों ने सऊदी अरब को दहला दिया। बीते रोज़ सुबह से लकेर शाम तक सिलसिले वार हुए चार बम धमाके हुए। दो धमाके शाम को पैगम्बर मुहम्मद की मदीना मस्जिद के पास और कातिफ शहर में शहर में हुआ इससे पहले एक धमाका जेद्दाह में सुबह अमेरिकी कॉस्युलेट के बाहर हुआ था।



 ये सभी आत्मघाती धमाके थे। सभी आतंकी कार में सवार थे और उन्होंने कार में बैठे-बैठे ही खुद को उडा डाला। इन धमाकों में छह लोगों के मारे जाने की खबर है। जिनमें चार सुरक्षा कर्मी और दो अन्य लोग शामिल हैं। मदीना मस्जिद के आस-पास आजकल श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा हुआ है। आतंकी केवल पार्किंग स्थल तक ही पहुंच सके। अगर वो अंदर घुस जाते तो नुकसान बहुत हो सकता था।



ये धमाके आईएस के इशारे पर किये गये हैं। इन दिनों सीरिया और इराक में आईएस लगातार शिकस्त खा रहा है। सऊदी अरब की सेनाएं अमेरिका के साथ वहां आईएस के आतंकियों के खिलाफ युद्ध कर रही हैं। माना जा रहा है कि इसीलिए आईएस ने ये धमाके करवाये हैं। बताया जाता है कि मदीना मस्जिद के अलावा क़ातिफ शहर को इसलिए निशाना बनाया गया क्यों कि वो शिया बहुल शहर है।





सोर्स:इंडिया.कॉम 
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Bangladesh



ढाका :भाषा: ढाका में आतंकवादी हमले पर आज शुरू हुए दो दिन के राष्ट्रीय शोक के बीच बांग्लादेश ने हमलों के लिए स्थानीय आतंकवादियों और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को जिम्मेदार ठहराया।

गृहमंत्री असदुज्जमां खान ने पीटीआई-भाषा से बातें करते हुए कहा, ‘‘मुझे एक बार फिर साफ करने दें, बांग्लादेश में किसी आईएसआईएस या अल-कायदा का वजूद नहीं है..बंधक बनाने वाले सभी देश में ही पले-बढ़े आतंकवादी थे, ना कि आईएसआईएस या किसी अन्य अंतरराष्ट्रीय इस्लामी संगठन के सदस्य।’’ खान ने कहा, ‘‘हम उन्हें :बंधक बनाने वालों को: उनके पूर्वजों के साथ जानते हैं, वे सभी बांग्लादेश में पले-बढ़े हैं..वे जेएमबी :जमीयतुल मुजाहिदीन बांग्लादेश: जैसे देश में ही पनपे संगठनों से जुड़े हैं।’’ ढाका के राजनयिक क्षेत्र में स्थित और विदेशियों के बीच लोकप्रिय रेस्तरां होले आर्टिजन बेकरी में 11 घंटे तक लोगों को बंधक बनाने के प्रकरण का अंत सैन्य कार्रवाई में हुआ। उग्रवादियों ने 20 बंधकों की हत्या कर दी जबकि सैन्य कार्रवाई में छह उग्रवादी मारे गए और एक जिंदा गिरफ्तार हुआ। आईएस का दावा है कि उसने इस आतंकवादी हमले को अंजाम दिया है।

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के राजनीतिक सलाहकार हुसैन तौफिक इमाम ने कहा कि जिस तरह बंधकों को तेज धारदार बड़े चाकुओं से मारा गया है उससे लगता है कि स्थानीय आतंकवादी समूह, प्रतिबंधित जमात-उल-मुजाहिदीन का हाथ है।
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बांग्लादेश में भयावह आतंकी हमला




ढाका, दो जुलाई :भाषा: बांग्लादेश की राजधानी ढाका के उच्च सुरक्षा वाले राजनयिक क्षेत्र के एक लोकप्रिय रेस्तरां में बंधक संकट आज खत्म हो गया, जहां आईएसआईएस के आतंकवादियों के निर्मम हमले में 20 विदेशी नागरिकों की हत्या कर दी गई। बांग्लादेशी कमांडो ने छह आतंकवादियों को भी मार गिराया और एक को जिंदा पकड़ लिया।

सैन्य अभियान महानिदेशक ब्रिगेडियर जनरल नईम अशफाक चौधरी ने बताया कि सशस्त्र बलों के नेतृत्व में साझा अभियान शुरू होने से पहले ही आतंकवादियों ने 20 बंधकों की निर्मम हत्या कर दी। जिन लोगों को मौत के घाट उतारा गया उनमें से ज्यादातर का गला काटा गया था।

चौधरी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘आर्मी पैरा कमांडो यूनिट-1 ने अभियान का नेतृत्व किया और 13 मिनट के भीतर छह आतंकवादी मारे गए।’’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने बंधक संकट खत्म करने के लिए सेना को दखल देने का निर्देश दिया, जिसके बाद ‘ऑपरेशन थंडरबोल्ट’ अभियान शुरू किया गया।

मारे गए सभी 20 बंधक विदेशी नागरिक थे, जिनमें ज्यादा जापानी या इतालवी हैं। कल रात गोलीबारी शुरू होने के बाद दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मारे गए थे।

चौधरी ने कहा कि होले आर्टिजन बेकरी के परिसर में तलाशी के दौरान इन विदेशी नागरिकों के शव बरामद किए गए। शवों को पोस्टमार्टम और उनकी पहचान की पुष्टि के लिए संयुक्त सैन्य अस्पताल भेजा गया है।

बंधक संकट खत्म होने के बाद बांग्लादेशी प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बांग्लादेश से ‘आतंकवादियों और हिंसक चरमपंथियों का सफाया करने’ के लिए सबकुछ करने का संकल्प लिया।

हसीना ने टेलीविजन पर दिए अपने संबोधन में कहा, ‘‘यह बहुत भयावह कृत्य है। ये लोग किस तरह के मुसलमान हैं? उनका कोई धर्म नहीं है।’’ आतंकवादियों की मुस्लिम पहचान को लेकर सवाल करते हुए हसीना ने कहा, ‘‘उन्होंने रमजान की तरावीह :खास नमाज: के असल संदेश का उल्लंघन किया और लोगों की हत्या है। जिस तरह से उन्होंने लोगों की हत्या की वह बर्दाश्त करने योग्य नहीं है। उनका कोई धर्म नहीं है..आतंकवाद ही उनका धर्म है।’’ हसीना के साथ सेना प्रमुख जनरल अबू बिलाल मुहम्मद शफीउल हक भी मौजूद थे।
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